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क्या पांचवें दिन राहुल और गिल को अपनी लय फिर से हासिल करना जरूरी है? : संजय मांजरेकर

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क्या पांचवें दिन राहुल और गिल को अपनी लय फिर से हासिल करना जरूरी है? : संजय मांजरेकर

सारांश

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने ओल्ड ट्रैफर्ड में केएल राहुल और शुभमन गिल की बल्लेबाजी पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों को अपनी लय फिर से हासिल करनी होगी, ताकि वे मैच को ड्रॉ करवा सकें। जानें मांजरेकर के विचार और इन खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती के बारे में।

मुख्य बातें

राहुल और गिल को लय हासिल करनी होगी।
दबाव में खेलने की क्षमता महत्वपूर्ण है।
साझेदारी भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है।
किसी भी गेंदबाज के खिलाफ आक्रामकता को संयमित करना आवश्यक है।
टीम का रवैया सराहनीय है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि केएल राहुल और कप्तान शुभमन गिल को ओल्ड ट्रैफर्ड में पांचवें दिन बल्लेबाजी के लिए फिर से एकजुट होकर अपनी लय हासिल करनी होगी।

भारतीय टीम पहले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन का विकेट गंवा चुकी थी, तब तक टीम इंडिया का खाता भी नहीं खुला था। यहां से राहुल और गिल ने टीम को संभालते हुए चौथे दिन की समाप्ति तक 174 रन की अटूट साझेदारी की। अब फिलहाल इंग्लैंड के पास 137 रन की लीड है। राहुल 87, जबकि गिल 78 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों बल्लेबाजों के सामने मैच को ड्रॉ करवाने की चुनौती होगी।

मांजरेकर ने 'जियो हॉटस्टार' पर कहा, "रविवार को दो अहम पड़ाव हैं। पहला पड़ाव, दिन के शुरुआती 30 मिनट हैं। क्रीज पर सेट केएल राहुल और शुभमन गिल को रातभर के ब्रेक के बाद फिर से अपनी लय हासिल करनी होगी। दोनों बल्लेबाज ऐसा करने में सक्षम हैं, लेकिन फिर भी यह एक चुनौती होगी। दूसरा बड़ा पड़ाव तब आएगा, जब 17 ओवर के बाद दूसरी नई गेंद उपलब्ध होगी। मुझे अब भी विश्वास है कि यह साझेदारी भारत के लिए काम करेगी। इस जोड़ी के अलावा, मुझे दूसरे खिलाड़ियों से ज्यादा उम्मीद नहीं है।"

मांजरेकर ने शुभमन गिल और केएल राहुल की मानसिक मजबूती और दबाव में खुद को ढालने की क्षमता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "यह मत भूलिए कि यह खिलाड़ी आईपीएल के सितारे हैं; वे टी20 बल्लेबाज हैं। किसी भी दिन अगर इन्हें लियाम डॉसन जैसे किसी गेंदबाज के खिलाफ तीन छक्के मारने हों, तो यह दोनों ऐसा कर सकते हैं, लेकिन अपनी उस स्वाभाविक आक्रामकता पर लगाम लगाते हुए धैर्य से टिककर खेलना, यही इस सीरीज में सबसे ज्यादा प्रशंसनीय है।"

मांजरेकर ने आगे कहा, "मैं सोच रहा था कि क्या इनमें इतनी मानसिक ताकत है, खासकर केएल राहुल में, जिन्होंने लगभग हर पारी में शानदार रन बनाए। फिर भी वह हर बार क्रीज पर समय बिताने की कोशिश कर रहे हैं। यह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। चाहे पांचवें दिन नतीजा कुछ भी हो, इन भारतीय बल्लेबाजों का रवैया सराहनीय है। शुभमन गिल का उदाहरण लें, टी-ब्रेक से पहले उनका स्ट्राइक रेट 67 था, जबकि उसके बाद सिर्फ 29 था। यह अपने आप में बहुत कुछ कहता है। नतीजा चाहे जो हो, भारत को इन खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

संजय मांजरेकर के विचार महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय बल्लेबाजों में मानसिक ताकत है। इस समय, देश को इन खिलाड़ियों पर गर्व है, और उनका प्रदर्शन ना केवल मैच बल्कि देश की क्रिकेट की प्रतिष्ठा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राहुल और गिल मैच को ड्रॉ करवा पाएंगे?
अगर राहुल और गिल अपनी लय फिर से हासिल करते हैं, तो ड्रॉ की संभावना है।
मांजरेकर ने इन खिलाड़ियों की किस बात की तारीफ की?
उन्होंने इनकी मानसिक मजबूती और दबाव में खुद को ढालने की क्षमता की तारीफ की।
केएल राहुल की पारी की क्या खासियत है?
राहुल की पारी में समय बिताने की कोशिश और धैर्य महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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