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राशिद खान का सपना: टीम में रहते हुए अफगानिस्तान जीते वर्ल्ड कप, बेटे अजलान को बताया 'लकी चार्म'

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राशिद खान का सपना: टीम में रहते हुए अफगानिस्तान जीते वर्ल्ड कप, बेटे अजलान को बताया 'लकी चार्म'

सारांश

राशिद खान का एक ही सपना है — रिटायरमेंट से पहले अफगानिस्तान के हाथों में वर्ल्ड कप ट्रॉफी देखना। बेटे अजलान की मुस्कान उन्हें मैदान पर ऊर्जा देती है, और काबुल में इंटरनेशनल मैच की उम्मीद उनके दिल में जिंदा है।

मुख्य बातें

राशिद खान चाहते हैं कि टीम में रहते हुए अफगानिस्तान कम से कम एक बार वर्ल्ड कप (टी20 या वनडे) जीते।
बेटे अजलान को राशिद ने अपना 'लकी चार्म' बताया — इंग्लैंड में अजलान की मौजूदगी में 5 विकेट , आयरलैंड में 12 विकेट लिए।
राशिद ने अफगानिस्तान की क्रिकेट यात्रा को संघर्ष और मेहनत का नतीजा बताया।
उन्होंने काबुल में अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित होने की उम्मीद जताई।
राशिद विदेश दौरों पर अफगानिस्तान के ड्राई फ्रूट्स और ग्रीन टी साथ ले जाते हैं — घर जैसा एहसास पाने के लिए।

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार लेग-स्पिनर राशिद खान ने 16 सितंबर को एक विशेष बातचीत में अपने करियर की सबसे बड़ी तमन्ना साझा की — वह चाहते हैं कि जब तक वे टीम में हैं, अफगानिस्तान कम से कम एक बार विश्व कप का खिताब अपने नाम करे, चाहे वह टी20 हो या वनडे फॉर्मेट। साथ ही, उन्होंने अपने नवजात बेटे अजलान को अपना 'लकी चार्म' करार दिया और बताया कि बेटे की मौजूदगी से उनके खेल में किस तरह का फर्क आया है।

विश्व कप जीत — राशिद की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा

राशिद खान ने कहा, 'जहां तक 10 साल बाद की लेगेसी की बात है, मुझे लगता है कि यह अफगानिस्तान के लिए अच्छी सर्विस देने और अफगानिस्तान के लिए मुझे कितने मैच जीतने को मिलते हैं, इस बारे में है। हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि मैं चाहता हूं कि जब तक मैं टीम में रहूं, अफगानिस्तान एक वर्ल्ड कप जीत जाए।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। मुझे उम्मीद है कि रिटायर होने से पहले, मेरे पास यह रिकॉर्ड होगा कि हां, हमने चैंपियनशिप या वर्ल्ड कप जीता, चाहे वह टी20 हो या वनडे।'

गौरतलब है कि अफगानिस्तान ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उल्लेखनीय प्रगति की है — बड़ी टीमों को हराकर खुद को एक प्रतिस्पर्धी शक्ति के रूप में स्थापित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान क्रिकेट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

बेटे अजलान का जादू — मैदान पर बदला प्रदर्शन

राशिद ने अपने बेटे अजलान को अपना 'लकी चार्म' बताते हुए कहा, 'उसके पैदा होने से पहले, मेरा दिमाग जल्दी फ्रेश नहीं होता था। मगर अब जब मैं उसका चेहरा देखता हूं या उसे वीडियो-कॉल करता हूं, तो मेरा पूरा शरीर रिलैक्स हो जाता है।' उन्होंने ठोस उदाहरण देते हुए बताया कि जब अजलान इंग्लैंड में पहले मैच के लिए ग्राउंड पर आया, तो राशिद ने 5 विकेट लिए, और आयरलैंड में 3 मैचों में बेटे की उपस्थिति के दौरान उन्होंने 12 विकेट चटकाए।

राशिद ने एक रोचक किस्सा भी सुनाया — 'वह मंगलवार रात के मैच के दौरान उठा था और जब मैंने तीन विकेट लिए तो उसने मैच देखा। वह पिछले मैच में सो रहा था, और इसीलिए मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था।' इस भावुक अंदाज में उन्होंने अजलान को अपनी 'खुशी' और 'एक अलग एहसास' बताया।

अफगानिस्तान की क्रिकेट यात्रा — संघर्ष से शिखर तक

राशिद ने अफगानिस्तान क्रिकेट की मेहनत को रेखांकित करते हुए कहा, 'ऐसा नहीं है कि हमें कुछ चीजें मुफ्त में मिलीं। हमने बहुत मेहनत की है। हमने कहां से शुरू किया और अब हम कहां हैं — जैसे छोटी टीमों के खिलाफ खेलना शुरू करने से लेकर बड़ी टीमों को हराना।' उन्होंने माना कि निरंतरता बनाए रखना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।

काबुल में अंतरराष्ट्रीय मैच — एक अधूरा सपना

राशिद खान ने यह भी उम्मीद जताई कि एक दिन काबुल और अफगानिस्तान के अन्य शहरों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन होगा। उन्होंने कहा, 'हम अफगानिस्तान में अधिक समय नहीं बिताते। मगर लोगों का प्यार और दुआएं हमेशा हमारे साथ होती हैं, चाहे हम कहीं भी जाएं।' घर की याद मिटाने के लिए वे अफगानिस्तान के मशहूर ड्राई फ्रूट्स और ग्रीन टी अपने साथ रखते हैं। राशिद ने कहा, 'उम्मीद है कि एक दिन हम अफगानिस्तान में — काबुल और दूसरे शहरों में — एक इंटरनेशनल मैच खेल पाएंगे। यह एक सपना होने वाला है।'

राशिद खान की यह बातें अफगानिस्तान क्रिकेट के उस सफर की गवाह हैं जो संघर्ष से शुरू होकर आज वैश्विक मंच तक पहुंचा है — और जिसका अगला पड़ाव शायद एक विश्व कप खिताब हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन निरंतरता और घरेलू मैदान का अभाव अभी भी उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है। जब तक काबुल में अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं होते और घरेलू ढांचा मजबूत नहीं होता, तब तक वर्ल्ड कप का सपना प्रेरणादायक तो है, पर रास्ता लंबा है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद खान का वर्ल्ड कप को लेकर क्या सपना है?
राशिद खान चाहते हैं कि टीम में रहते हुए अफगानिस्तान कम से कम एक बार वर्ल्ड कप जीते, चाहे वह टी20 हो या वनडे फॉर्मेट। उन्होंने इसे अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है।
राशिद खान ने बेटे अजलान को 'लकी चार्म' क्यों कहा?
राशिद खान के अनुसार, बेटे अजलान की मौजूदगी उनके प्रदर्शन पर सकारात्मक असर डालती है। इंग्लैंड में अजलान के ग्राउंड पर आने पर राशिद ने 5 विकेट लिए और आयरलैंड में 3 मैचों में 12 विकेट चटकाए।
क्या अफगानिस्तान में कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा?
राशिद खान ने उम्मीद जताई है कि एक दिन काबुल और अफगानिस्तान के अन्य शहरों में अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित होंगे। उन्होंने इसे अपना सपना बताया है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं है।
राशिद खान अफगानिस्तान क्रिकेट की सफलता का श्रेय किसे देते हैं?
राशिद खान ने टीम की मेहनत और संघर्ष को इसका श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने छोटी टीमों से शुरुआत कर बड़ी टीमों को हराने तक का सफर बिना किसी मुफ्त सुविधा के तय किया है।
राशिद खान विदेश दौरों पर घर जैसा एहसास कैसे पाते हैं?
राशिद खान विदेश दौरों पर अफगानिस्तान के मशहूर ड्राई फ्रूट्स और ग्रीन टी साथ ले जाते हैं। उनके अनुसार, इससे उन्हें घर जैसा एहसास मिलता है और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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