आईपीएल 2026: कोहली की 75*, भुवनेश्वर के 28 विकेट — आरसीबी को बैक-टू-बैक चैंपियन बनाने वाले 5 हीरो
सारांश
मुख्य बातें
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने 1 जून 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस को फाइनल में 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब अपने नाम किया। रजत पाटीदार की कप्तानी में यह उपलब्धि हासिल करने वाली आरसीबी, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बाद आईपीएल इतिहास में बैक-टू-बैक खिताब जीतने वाली तीसरी फ्रेंचाइज़ी बन गई है।
विराट कोहली — अनुभव और क्लास का संगम
विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि 37 साल की उम्र में भी उनका बल्ला उतना ही धारदार है। आईपीएल 2026 में कोहली टीम के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे — 16 मुकाबलों में 165 के स्ट्राइक रेट से 675 रन उनके खाते में दर्ज हुए। फाइनल में जब टीम को एक स्थिर पारी की दरकार थी, कोहली ने 42 गेंदों में 75 रनों की नाबाद पारी खेलकर आरसीबी को जीत के बंदरगाह तक पहुँचाया।
भुवनेश्वर कुमार — स्विंग और सटीकता का जादू
भुवनेश्वर कुमार इस सीजन आरसीबी के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ बनकर उभरे। उन्होंने पावरप्ले में नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाज़ों को परेशान किया और डेथ ओवरों में भी अहम विकेट निकाले। 16 मैचों में 28 विकेट लेकर वह सीजन के शीर्ष गेंदबाज़ों में शामिल रहे। फाइनल में उन्होंने साई सुदर्शन और जेसन होल्डर के बड़े विकेट चटकाकर गुजरात की पारी की रीढ़ तोड़ दी।
रजत पाटीदार — कप्तान भी, योद्धा भी
नेतृत्व की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ रजत पाटीदार ने बल्ले से भी टीम को संकट से उबारा। पहले क्वालीफायर में जब आरसीबी मुश्किल में दिख रही थी, तब पाटीदार ने महज 33 गेंदों में 93 रनों की आक्रामक पारी खेलकर पासा पलट दिया। हर निर्णायक मोड़ पर उनकी चट्टान जैसी मौजूदगी ने टीम को मनोबल दिया।
रसिख सलाम — युवा जोश, बड़ा असर
26 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ रसिख सलाम का प्रदर्शन भले ही सुर्खियों में कम रहा, लेकिन आँकड़े उनकी अहमियत बयान करते हैं। उन्होंने इस सीजन 19 विकेट निकाले और फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पेश किया — 4 ओवर में मात्र 27 रन देकर 3 विकेट लिए। गौरतलब है कि यह उनका आईपीएल करियर का सबसे प्रभावशाली मुकाबला रहा।
देवदत्त पडिक्कल — मध्यक्रम की दीवार
देवदत्त पडिक्कल ने इस सीजन विराट कोहली के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आरसीबी की बल्लेबाज़ी को मज़बूती दी। 16 मैचों में 168 के स्ट्राइक रेट से 464 रन और तीन अर्धशतक — नंबर तीन की पोजीशन पर उनकी दमदार बल्लेबाज़ी ने आरसीबी के मध्यक्रम पर दबाव नहीं आने दिया। आरसीबी का अगला सफर अब डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में और भी चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन इन पाँच खिलाड़ियों की बदौलत फ्रेंचाइज़ी का भविष्य उज्ज्वल दिखता है।