ऋषभ पंत का दाहिना कंधा चोटिल, ध्रुव जुरेल ने संभाली विकेटकीपिंग; दूसरे टेस्ट में भारत की स्थिति मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
ऋषभ पंत दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन दाहिने कंधे की चोट के कारण विकेटकीपिंग से बाहर हो गए, जिसके बाद ध्रुव जुरेल ने दस्ताने संभाले। कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में 24 अगस्त को दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने 3 ओवरों में 8 रन बनाकर 2 विकेट गंवाए, जबकि भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 पर घोषित कर दी थी।
चोट का पूरा घटनाक्रम
पंत को मैच के पहले दिन बाईं कलाई में चोट लगी थी और वे 15 गेंदों में 3 रन बनाकर 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर गए थे। हालांकि, उन्होंने दूसरे दिन के पहले सत्र में वापसी की और 63 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
इसके बाद जब श्रीलंकाई टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो विकेटकीपिंग के दौरान पंत को दाहिने कंधे में दर्द महसूस हुआ। बारिश के कारण खेल रुकने के बाद जब मैदान पर वापसी हुई, तो पंत के स्थान पर सरफराज खान फील्डिंग के लिए उतरे और जुरेल ने दिन के शेष हिस्से में विकेटकीपिंग की।
जुरेल का प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा
दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ध्रुव जुरेल ने बताया, 'उन्हें (ऋषभ पंत) दाहिने कंधे में चोट लगी है। फिजियो उनकी चोट पर नजर बनाए हुए हैं। आज मैंने विकेटकीपिंग की, क्योंकि उनके दाहिने कंधे में दर्द था। उम्मीद है कि कल तक वह ठीक हो जाएंगे।'
गौरतलब है कि पहली पारी के 94वें ओवर में श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बाउंसर से पंत के दाहिने कंधे पर चोट लगी थी। उस समय फिजियो ने मैदान पर आकर पंत की चोट वाली जगह पर आइस पैक लगाया था, जिसके बाद पंत ने खेलना जारी रखा था।
जुरेल की शानदार शतकीय पारी
इस मैच में ध्रुव जुरेल ने बल्ले से भी कमाल किया। उन्होंने भारत की पहली पारी में 177 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 115 रनों की नाबाद पारी खेली। यह पारी भारत के 503/9 के विशाल स्कोर तक पहुँचने में निर्णायक रही।
मैच की मौजूदा स्थिति और आगे की राह
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने 3 ओवरों में 8 रन बनाकर 2 विकेट गंवाए और वह भारत से 495 रनों से पीछे है। पंत की फिटनेस पर तीसरे दिन के खेल से पहले भारतीय टीम प्रबंधन की नजर रहेगी। यह देखना अहम होगा कि क्या पंत तीसरे दिन विकेटकीपिंग के लिए तैयार हो पाते हैं या जुरेल ही यह जिम्मेदारी आगे भी निभाते हैं।