रियान पराग की फॉर्म क्रैश: कप्तानी मिलते ही 7 मैचों में सिर्फ 81 रन, औसत महज 13
सारांश
Key Takeaways
- रियान पराग ने आईपीएल 2026 में 7 मैचों में सिर्फ 81 रन बनाए हैं।
- उनका बल्लेबाजी औसत 13 और स्ट्राइक रेट 117 रहा है — दोनों निराशाजनक आंकड़े हैं।
- इस सीजन रियान का सर्वोच्च स्कोर मात्र 20 रन है और एक भी अर्धशतक नहीं लगा।
- 7 मैचों में केवल 6 चौके और 5 छक्के — उनकी आक्रामक शैली पूरी तरह गायब है।
- कप्तान के रूप में राजस्थान रॉयल्स ने 7 में से 5 मैच जीते हैं।
- एलएसजी के खिलाफ आरआर के गेंदबाजों ने 160 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए लखनऊ को 119 रनों पर ऑलआउट किया।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान रॉयल्स के नए कप्तान रियान पराग आईपीएल 2026 में बल्लेबाजी के मोर्चे पर बुरी तरह संघर्ष कर रहे हैं। 7 मैचों में सिर्फ 81 रन, बल्लेबाजी औसत 13 और स्ट्राइक रेट महज 117 — ये आंकड़े बताते हैं कि कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते ही उनकी फॉर्म पूरी तरह बिखर गई है।
बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन
रियान पराग इस सीजन एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर सिर्फ 20 रन रहा है, जो कि उनकी क्षमता को देखते हुए बेहद निराशाजनक है। बुधवार, 23 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ खेले गए आईपीएल 2026 के 32वें मुकाबले में भी वह 19 गेंदों में केवल 20 रन ही बना सके।
चौके-छक्कों के लिए मशहूर रियान 7 मैचों में केवल 6 चौके और 5 छक्के लगा पाए हैं — यह संख्या उनके सामान्य आक्रामक खेल की तुलना में बेहद कम है। वह इस सीजन नंबर चार और पांच की बल्लेबाजी पोजीशन पर उतरे हैं, लेकिन उस स्वाभाविक आक्रामकता से कोसों दूर नजर आए हैं जिसके लिए वे पहचाने जाते हैं।
कप्तानी का दबाव और बदली हुई बल्लेबाजी शैली
विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तानी का मनोवैज्ञानिक दबाव रियान की बल्लेबाजी पर सीधा असर डाल रहा है। जो खिलाड़ी पहले बेखौफ होकर बड़े शॉट खेलता था, वह अब पारी को संभालने की कोशिश में अपनी नैसर्गिक शैली खो बैठा है।
यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे ओपनरों के जल्दी आउट होने पर टीम की पारी को संभालने की जिम्मेदारी रियान पर आ जाती है। लेकिन इस भूमिका में वह अब तक टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
गौरतलब है कि आईपीएल 2024 में रियान पराग ने 471 रन बनाए थे और वह राजस्थान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक थे। उस सीजन की तुलना में 2026 का यह प्रदर्शन चिंताजनक रूप से कमजोर है।
कप्तान के रूप में टीम प्रबंधन शानदार
हालांकि, बल्लेबाजी में विफलता के बावजूद कप्तान रियान पराग ने राजस्थान रॉयल्स को 7 में से 5 मैचों में जीत दिलाई है। टीम अंक तालिका में मजबूत स्थिति में है।
एलएसजी के खिलाफ खेले गए ताज़ा मुकाबले में आरआर के गेंदबाजों ने 160 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया और लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी टीम को 119 रनों पर समेट दिया। रियान ने गेंदबाजों का बेहतरीन उपयोग किया, जो उनकी कप्तानी की परिपक्वता को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
यह विरोधाभास दिलचस्प है — एक कप्तान जो अपनी टीम को जिता रहा है, लेकिन खुद बल्लेबाजी में फिसड्डी साबित हो रहा है। आईपीएल इतिहास में यह पैटर्न नया नहीं है। एमएस धोनी से लेकर रोहित शर्मा तक, कई कप्तानों ने शुरुआती दौर में कप्तानी के दबाव में व्यक्तिगत प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव झेले हैं।
राजस्थान रॉयल्स के लिए प्लेऑफ की दौड़ जैसे-जैसे तेज होगी, रियान पराग को बल्लेबाजी में भी अपना असली रूप दिखाना होगा। अगले कुछ मैच उनके लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं — क्या वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी वापस पा सकते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।