रियान पराग का वेपिंग विवाद, अनिल चौधरी ने खिलाड़ियों को दी सतर्कता की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- रियान पराग को IPL 2026 में पंजाब किंग्स के विरुद्ध मुकाबले के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेप डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए कैद किया गया।
- पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा क्रिकेटर्स को सार्वजनिक रूप से सावधान रहने की चेतावनी दी।
- प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट अधिनियम (PECA) 2019 के तहत भारत में वेपिंग गैर-कानूनी है।
- बीसीसीआई के पास स्टेडियम में तंबाकू और संबंधित उत्पादों के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध है।
- रियान पराग पर बीसीसीआई की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है।
मुंबई, 29 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 24 वर्षीय कप्तान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में वेप डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद किया गया। यह घटना मंगलवार को पंजाब किंग्स के विरुद्ध मुकाबले के दौरान हुई, जिसके बाद फुटेज तुरंत वायरल हो गया। पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा क्रिकेटर्स को सार्वजनिक रूप से चेताया है कि वे बड़े टूर्नामेंट के दौरान अपने व्यवहार को लेकर बेहद सावधान रहें।
घटना की पूरी जानकारी
राजस्थान रॉयल्स की पारी के 16वें ओवर के दौरान कैमरे ड्रेसिंग रूम की ओर घूमे और रियान पराग को यशस्वी जायसवाल, युद्धवीर सिंह चरक और कुलदीप सेन के सामने वेप डिवाइस का उपयोग करते हुए कैद कर लिया। यह फुटेज तत्काल सोशल मीडिया पर फैल गया, जिससे खिलाड़ियों के अनुशासन और ऐसे उपकरणों की कानूनी स्थिति को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई।
अनिल चौधरी की चेतावनी
अनिल चौधरी ने यूयूटी20 बेल्जियम जर्सी लॉन्च के अवसर पर 'राष्ट्र प्रेस' से बातचीत में कहा, "मुझे कानूनी पहलुओं के बारे में तो ठीक से नहीं पता, लेकिन निश्चित रूप से नियम और अन्य कानून तो होंगे ही। कभी-कभी ये कैमरे कहीं भी जा सकते हैं, इसलिए सभी खिलाड़ियों को बहुत सावधान रहना चाहिए। ये युवा लड़के हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि टॉयलेट को छोड़कर वे कहीं भी कैमरे में कैद हो सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि टीवी पर अच्छी चीजें दिखाई जानी चाहिए और खेल पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए।
भारतीय कानून क्या कहता है
भारतीय कानून के अनुसार, 'प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट अधिनियम' (PECA) 2019 के तहत वेपिंग या ई-सिगरेट का उपयोग गैर-कानूनी है। यह अधिनियम भारत में ई-सिगरेट और वेप्स के उत्पादन, बिक्री, खरीद, आयात, निर्यात और विज्ञापन पर सख्त प्रतिबंध लगाता है। इसके उल्लंघन पर जेल की सजा और भारी जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
बीसीसीआई के दिशा-निर्देश
हालांकि वेपिंग को लेकर कोई स्पष्ट सार्वजनिक नियम सामने नहीं आया है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास स्टेडियम के भीतर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर सख्त दिशा-निर्देश हैं। ड्रेसिंग रूम या डगआउट में तंबाकू या उससे संबंधित उत्पादों के इस्तेमाल को आमतौर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत निषिद्ध किया जाता है।
संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस घटना के बाद रियान पराग पर बीसीसीआई की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। खिलाड़ी की प्रतिष्ठा और टीम की छवि दोनों को नुकसान पहुँचा है। यह घटना युवा खिलाड़ियों के लिए एक सतर्कता का संकेत है कि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी हर गतिविधि दर्ज हो सकती है।