क्या साथियान ज्ञानसेकरन ने इंजीनियरिंग छोड़कर टेबल टेनिस में अद्वितीय करियर बनाया?
सारांश
Key Takeaways
- साथियान ज्ञानसेकरन का जन्म 8 जनवरी 1993 को हुआ।
- उन्हें टेबल टेनिस का शौक बचपन से था।
- उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीते हैं।
- वे अर्जुन पुरस्कार के प्राप्तकर्ता हैं।
- साथियान ने इंजीनियरिंग में स्नातक किया था।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। साथियान ज्ञानसेकरन भारत के एक प्रमुख टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।
साथियान ज्ञानसेकरन का जन्म 8 जनवरी 1993 को चेन्नई में हुआ। वे शिक्षाविदों के परिवार से आते हैं, जहां उनके पिता सरकारी नौकरी में थे और जिम्बाब्वे में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में काम कर रही थीं। वे अपने परिवार के पहले एथलीट हैं।
बचपन से ही टेबल टेनिस के प्रति उनकी रुचि थी। उन्होंने एस. रमन की कोचिंग में खेल की बारीकियां सीखीं और दाएं हाथ से आक्रामक खेलते हैं। सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से आईटी में स्नातक होने के बाद, साथियान ने टेबल टेनिस को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
2016 में, साथियान ने आईटीटीएफ चैलेंज बेल्जियम ओपन का पुरुष सिंगल्स खिताब जीता, जो किसी भारतीय द्वारा यूरोप में जीता गया पहला खिताब था। उसी वर्ष, उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलस्पेनिश ओपन जीतने वाले पहले भारतीय बने। साथियान ने 2018 और 2022 के गोल्ड कोस्ट और बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम में गोल्ड मेडल जीते।
2019 में, वे विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर पहुंचे, जो किसी भारतीय पुरुष पैडलर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। 2021 के टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा, उन्होंने डब्ल्यूटीटी फीडर विएंटियाने में एकल का खिताब जीता और डब्ल्यूटीटी कंटेंडर लागोस में डबल्स गोल्ड भी जीता।
उनकी उपलब्धियों के लिए, साल 2018 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।