क्या शशांकासन शरीर को डिटॉक्स कर तनाव को दूर कर सकता है?

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क्या शशांकासन शरीर को डिटॉक्स कर तनाव को दूर कर सकता है?

सारांश

क्या आप तनाव और पीठ दर्द से परेशान हैं? जानें शशांकासन के फायदे और इसे सही तरीके से करने का तरीका। यह आसन न केवल आपके शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। आज ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें!

Key Takeaways

  • शशांकासन तनाव और चिंता को कम करता है।
  • यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
  • रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
  • यह डायबिटीज नियंत्रण में मदद करता है।
  • महिलाओं के लिए यह पीरियड्स की समस्याओं में भी फायदेमंद है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के कारण पीठ दर्द और बढ़ते मानसिक तनाव एक सामान्य समस्या बन चुके हैं। अधिकतर लोग इससे प्रभावित हैं, लेकिन इसे दूर करना असंभव नहीं है। योगासन शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने का एक सरल और प्रभावी उपाय है। ऐसे ही एक लाभकारी आसन का नाम शशांकासन है।

शशांकासन को खरगोश मुद्रा भी कहा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल पीठ दर्द में राहत मिलती है, बल्कि यह तनाव को भी कम करता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मन को शांति प्रदान करता है। तन और मन दोनों को तरोताजा करने वाला यह आसन प्रतिदिन कुछ मिनटों में कई लाभ देता है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय शशांकासन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शशांकासन तनाव कम करने, शरीर को डिटॉक्स करने और थकी हुई पीठ को आराम देने में विशेष रूप से सहायक है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।

शशांकासन का अभ्यास करना बहुत सरल है। सबसे पहले, वज्रासन में बैठें और घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर नितंब रखें। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और गहरी सांस लें। फिर, सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें, सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं। इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें और सामान्य तरीके से सांस लें। बाद में धीरे-धीरे वापस वज्रासन में आएं। शशांकासन का रोजाना 5 से 10 मिनट का अभ्यास अत्यंत फायदेमंद होता है।

शशांकासन के नियमित अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं। सबसे पहले, यह तनाव और चिंता को कम करता है। आगे झुकने से मन शांत होता है और मानसिक थकान दूर होती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज से राहत दिलाता है और आंतों की सफाई करता है, जिससे शरीर डिटॉक्स होता है। थकी हुई पीठ और कमर को यह आसन आराम देता है, रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द में राहत प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, गर्दन, कंधों और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे तनाव मुक्त होता है। यह डायबिटीज नियंत्रण में मदद करता है, हार्मोन संतुलन बनाता है और नींद की गुणवत्ता को सुधारता है।

महिलाओं के लिए, यह पीरियड्स की समस्याओं में भी लाभकारी है। कुल मिलाकर, शशांकासन शरीर और मन दोनों को तरोताजा रखने का एक प्राकृतिक उपाय है। हालांकि, शशांकासन करते समय कुछ सावधानियां बरतना आवश्यक है। हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को इसे नहीं करना चाहिए, क्योंकि आगे झुकने से सिर में दबाव बढ़ सकता है। घुटनों में चोट, स्लिप डिस्क या गंभीर पीठ दर्द वाले लोग इसे बिना डॉक्टर की सलाह के न करें। गर्भवती महिलाओं को इस आसन से बचना चाहिए।

इसके अलावा, गर्दन या कंधे में चोट, चक्कर आने की समस्या या हाल ही में पेट का ऑपरेशन हुआ हो तो इसे टालें। अभ्यास हमेशा खाली पेट करें और यदि कोई असुविधा महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं। शुरुआत में योग प्रशिक्षक की देखरेख में सीखना बेहतर है।

Point of View

जो ना केवल तनाव में कमी लाने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भी डिटॉक्स करता है। यह आसन रोजाना कुछ मिनटों के अभ्यास से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है। इस प्रकार, इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करना सभी के लिए फायदेमंद हो सकता है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

शशांकासन करने का सही तरीका क्या है?
शशांकासन के लिए पहले वज्रासन में बैठें, फिर घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर नितंब रखें। हाथों को घुटनों पर रखकर गहरी सांस लें और आगे झुकें। सिर को जमीन पर रखें और हाथों को आगे फैलाएं। कुछ समय तक इसी स्थिति में रहें।
क्या शशांकासन से तनाव कम होता है?
हां, शशांकासन मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांति प्रदान करता है।
क्या गर्भवती महिलाएं शशांकासन कर सकती हैं?
नहीं, गर्भवती महिलाओं को इस आसन से बचना चाहिए।
क्या शशांकासन से पीठ दर्द में राहत मिलती है?
जी हां, शशांकासन पीठ दर्द में राहत प्रदान करता है और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
शशांकासन का अभ्यास कब करना चाहिए?
शशांकासन का अभ्यास हमेशा खाली पेट करना चाहिए।
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