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साजन प्रकाश: 5 साल की उम्र में शुरू हुआ तैराकी का सफर, ओलंपिक में सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक

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साजन प्रकाश: 5 साल की उम्र में शुरू हुआ तैराकी का सफर, ओलंपिक में सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक

सारांश

5 साल की उम्र में माँ के कार्यस्थल के पूल से शुरू हुआ साजन प्रकाश का सफर आज भारतीय तैराकी की पहचान बन चुका है। ओलंपिक में सीधे क्वालीफाई करने वाले देश के पहले तैराक और 2024 के अर्जुन पुरस्कार विजेता साजन की कहानी संघर्ष, समर्पण और एक माँ की प्रेरणा की कहानी है।

मुख्य बातें

साजन प्रकाश का जन्म 14 सितंबर 1993 को इडुक्की, केरल में हुआ; 5 साल की उम्र में तैराकी शुरू की।
वह ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक हैं; 2016 रियो ओलंपिक में हिस्सा लिया।
2015 के राष्ट्रीय खेलों में 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित 8 पदक जीते।
2021 सेटे कोली ट्रॉफी, रोम में एक ही टूर्नामेंट में 3 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े।
2024 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

साजन प्रकाश भारतीय तैराकी के उस इतिहास का हिस्सा हैं जो अभी लिखा जा रहा है। वह देश के पहले ऐसे तैराक हैं जिन्होंने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया — एक उपलब्धि जो भारतीय तैराकी के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है। उनका यह सफर केरल के इडुक्की ज़िले से शुरू हुआ, जब महज 5 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्विमिंग पूल में छलाँग लगाई थी।

बचपन और तैराकी की शुरुआत

साजन प्रकाश का जन्म 14 सितंबर 1993 को इडुक्की, केरल में हुआ था। उनकी माँ शांतिमोल एक ट्रैक एंड फील्ड एथलीट थीं और जिस जगह वह काम करती थीं, वहाँ एक स्विमिंग पूल था। यहीं से साजन का तैराकी के प्रति लगाव जन्मा और 5 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली डुबकी लगाई।

तैराकी में शुरुआती प्रतिभा देखते हुए उन्हें परिवार का भरपूर समर्थन मिला। उन्हें तमिलनाडु के नेवेली सिटी स्विमिंग क्लब में दाखिल कराया गया। इसके बाद वह प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु आ गए, जहाँ उन्होंने जाने-माने तैराकी कोच प्रदीप कुमार के मार्गदर्शन में अपने खेल को माँजा।

शॉर्ट कोर्स से लंबी दूरी तक का बदलाव

शुरुआती दौर में साजन शॉर्ट कोर्स तैराकी पर ध्यान देते थे। कोच प्रदीप कुमार की सलाह पर उन्होंने लंबे कोर्स के इवेंट्स पर फोकस करना शुरू किया, खासतौर पर 200 मीटर बटरफ्लाई में। यह बदलाव उनके करियर की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हुआ।

2014 में साजन ने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भाग लिया। 2015 में राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 8 पदक जीते।

एशियन गेम्स और ओलंपिक में ऐतिहासिक छाप

गुवाहाटी में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में साजन ने तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए — 200 मीटर बटरफ्लाई, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4x200 मीटर रिले में उन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया।

2016 रियो ओलंपिक में साजन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 200 मीटर बटरफ्लाई हीट में 28वें स्थान पर रहे। गौरतलब है कि वह ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक बने, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।

रोम में राष्ट्रीय रिकॉर्ड की हैट्रिक

रोम में 2021 सेटे कोली ट्रॉफी के दौरान साजन ने एक ही प्रतियोगिता में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त किए — 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में उन्होंने नए मानक स्थापित किए। यह भारतीय तैराकी के लिए किसी एकल टूर्नामेंट में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शनों में से एक था।

अर्जुन पुरस्कार और आगे की राह

तैराकी में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए साजन प्रकाश को 2024 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय खेल जगत ने उनके संघर्ष और उपलब्धियों को मान्यता दी है।

साजन प्रकाश की यात्रा यह दर्शाती है कि माँ के कार्यस्थल के स्विमिंग पूल से शुरू हुआ एक बच्चे का सफर किस तरह भारतीय तैराकी की नई पहचान बन सकता है। भारत में तैराकी का भविष्य उनके जैसे खिलाड़ियों की नींव पर ही खड़ा होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय तैराकी की उस संरचनात्मक चुनौती की भी है जिसमें प्रतिभा तो है, लेकिन व्यवस्थागत समर्थन अभी भी अधूरा है। ओलंपिक में सीधे क्वालीफाई करने की उपलब्धि 2016 में आई — यानी दशकों की तैराकी परंपरा के बाद। सवाल यह है कि अगला साजन कब आएगा और क्या भारतीय खेल संस्थाएँ उसे ढूँढने और तराशने के लिए पर्याप्त तैयार हैं। अर्जुन पुरस्कार जैसी मान्यताएँ ज़रूरी हैं, लेकिन तैराकी में बुनियादी ढाँचे और कोचिंग इकोसिस्टम का विस्तार किए बिना भारत वैश्विक पोडियम तक पहुँचने में संघर्ष करता रहेगा।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साजन प्रकाश कौन हैं और वह क्यों प्रसिद्ध हैं?
साजन प्रकाश भारत के पहले तैराक हैं जिन्होंने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया। केरल के इडुक्की में जन्मे साजन ने 200 मीटर बटरफ्लाई में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए हैं और 2024 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए गए।
साजन प्रकाश ने तैराकी कब और कैसे शुरू की?
साजन ने महज 5 साल की उम्र में तैराकी शुरू की, जब उनकी माँ शांतिमोल जहाँ काम करती थीं वहाँ का स्विमिंग पूल उनका पहला प्रशिक्षण स्थल बना। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के नेवेली सिटी स्विमिंग क्लब और बेंगलुरु में कोच प्रदीप कुमार के साथ औपचारिक प्रशिक्षण लिया।
साजन प्रकाश ने ओलंपिक में कब हिस्सा लिया?
साजन प्रकाश ने 2016 रियो ओलंपिक में भाग लिया, जहाँ वह 200 मीटर बटरफ्लाई हीट में 28वें स्थान पर रहे। वह ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले तैराक थे।
साजन प्रकाश के प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार कौन से हैं?
2015 के राष्ट्रीय खेलों में 8 पदक (6 स्वर्ण, 2 रजत), गुवाहाटी में 3 स्वर्ण और 2021 की रोम सेटे कोली ट्रॉफी में 3 राष्ट्रीय रिकॉर्ड उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। 2024 में उन्हें भारत सरकार ने प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
साजन प्रकाश ने 2021 सेटे कोली ट्रॉफी में कौन से रिकॉर्ड तोड़े?
रोम में आयोजित 2021 सेटे कोली ट्रॉफी में साजन ने एक ही टूर्नामेंट में 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई और 200 मीटर फ्रीस्टाइल — तीनों स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े, जो भारतीय तैराकी के इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि रही।
राष्ट्र प्रेस
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