8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या साक्षी ने विश्व मुक्केबाजी कप में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या साक्षी ने विश्व मुक्केबाजी कप में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया?

सारांश

विश्व मुक्केबाजी कप में साक्षी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। क्या भारतीय मुक्केबाज और पदक जीतने में सफल रहेंगे? जानें इस शानदार खेल आयोजन के बारे में।

मुख्य बातें

साक्षी ने 54 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
भारतीय टीम ने कुल 11 पदक जीते हैं।
अस्ताना में भारतीय प्रदर्शन संतोषजनक रहा है।
जुगनू और पूजा रानी ने भी रजत पदक जीते।
अगले सत्र में चार भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

अस्ताना, 6 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में चल रहे विश्व मुक्केबाजी कप में, रविवार को दो बार की युवा विश्व चैंपियन साक्षी ने 54 किग्रा वर्ग का फाइनल जीतकर देश के लिए पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारतीय मुक्केबाजी टीम ने अस्ताना में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक सुनिश्चित किए हैं, जिनमें से एक पदक को साक्षी ने स्वर्ण में बदलने में सफलता पाई है। साक्षी ने अमेरिका की योसलाइन पेरेज को हराकर स्वर्ण पदक जीता।

रविवार को पहले सत्र में चार भारतीय मुक्केबाज मुकाबले में उतरे, लेकिन साक्षी एकमात्र मुक्केबाज रहीं जिन्होंने देश के लिए गोल्ड जीता।

इससे पहले, मीनाक्षी ने 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्थानीय प्रतिद्वंद्वी नाजिम काइजाइबे से 3:2 से हार का सामना किया।

जुगनू (पुरुष 85 किग्रा) और पूजा रानी (महिला 80 किग्रा) अपने-अपने फाइनल में हारने के बाद रजत पदक लेकर लौटेंगे। जुगनू को कजाकिस्तान के बेकजाद नूरदौलेटोव के खिलाफ 0:5 से हार मिली, जबकि पूजा को ऑस्ट्रेलिया की एसेटा फ्लिंट के खिलाफ इसी स्कोर से हार का सामना करना पड़ा।

शाम के सत्र में चार और भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिनमें ब्राजील चरण के स्वर्ण पदक विजेता हितेश गुलिया (70 किग्रा) शामिल हैं। अविनाश जामवाल (65 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा) और नूपुर (85+ किग्रा) भी इस सत्र में भाग लेंगे।

अस्ताना में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा रहा है। भारतीय टीम ने ब्राजील में पहले चरण में एक स्वर्ण और एक रजत सहित कुल छह पदक जीते थे। इस बार पदकों की संख्या में वृद्धि हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय मुक्केबाजी के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि कैसे भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल कर रहे हैं। हम इस सफलता पर गर्व महसूस करते हैं और आशा करते हैं कि हमारे अन्य मुक्केबाज भी आगे बढ़कर स्वर्ण पदक की ओर बढ़ें।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साक्षी ने किस प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक जीता?
साक्षी ने अमेरिका की योसलाइन पेरेज को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
भारतीय मुक्केबाजी टीम ने कुल कितने पदक जीते?
भारतीय मुक्केबाजी टीम ने कुल 11 पदक पक्के किए हैं।
कौन से अन्य भारतीय मुक्केबाज फाइनल में थे?
अन्य भारतीय मुक्केबाजों में मीनाक्षी, जुगनू और पूजा रानी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले