संजय बांगर ने रियान पराग की कप्तानी की प्रशंसा की: गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में अहम भूमिका
सारांश
Key Takeaways
- रियान पराग की कप्तानी ने खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- तुषार देशपांडे ने अंतिम ओवर में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
- संजय बांगर ने कप्तानी के फैसलों की प्रशंसा की।
- रवि बिश्नोई ने 4 विकेट लेकर खेल का रुख बदला।
- कप्तान का भरोसा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डालता है।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर ने शनिवार को गुजरात टाइटंस (जीटी) के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान रियान पराग की धैर्य और निर्णायक फैसले की क्षमता की सराहना की। बांगर के अनुसार, आरआर को मिली 6 रनों की जीत में रियान की कप्तानी का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित इस मैच का नतीजा अंतिम ओवर में आया। इस दौरान तुषार देशपांडे को अंतिम ओवर डालने का निर्णय राजस्थान रॉयल्स के लिए लाभदायक साबित हुआ, क्योंकि तुषार ने 11 रनों का सफल बचाव किया। बांगर ने यह भी उल्लेख किया कि जीत की नींव रियान पराग की कप्तानी ने ही रखी। गेंदबाजी के विविध विकल्पों के बावजूद, आरआर के कप्तान का निर्णय स्पष्ट था। उन्होंने अंतिम ओवर के लिए देशपांडे पर भरोसा जताया, जो टीम के लिए सही साबित हुआ।
बांगर ने 'जियोस्टार' से कहा, "जीटी के खिलाफ इस मैच में रियान पराग की शानदार कप्तानी की प्रशंसा की जानी चाहिए। कप्तान बनना आसान नहीं होता, खासकर तब जब आपके पास गेंदबाजी के लिए कई विकल्प हों और आप दबाव में हों। रियान ने तुषार देशपांडे पर अपना भरोसा जताया, और ऐसे निर्णय का सामना करते समय कप्तान को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है।"
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कप्तान की जिम्मेदारी केवल रणनीति तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें महत्वपूर्ण क्षणों पर खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भी जगाना होता है। उन्होंने कहा, "जब कप्तान किसी गेंदबाज को इतना कठिन काम सौंपता है, तो उसकी प्रेरणा देना आवश्यक होता है। तुषार ने अपने करियर का बेहतरीन ओवर फेंका और सभी दबाव का सामना किया।"
तुषार ने अति शांति से गेंदबाजी की। उन्होंने आखिरी ओवर में केवल 4 रन दिए और राशिद खान
बांगर ने कप्तान और गेंदबाज के बीच इस भरोसे के दीर्घकालिक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला, "जब आपको अपने कप्तान से ऐसा विश्वास मिलता है, तो यह अद्भुत अनुभव होता है। भविष्य में जब भी राजस्थान किसी कठिन परिस्थिति में होगा, तो रियान पराग तुषार देशपांडे की ओर ही देखेंगे।"
अंतिम ओवर की बेहतरीन गेंदबाजी के अलावा, बांगर ने लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई की भी प्रशंसा की, जिन्होंने 4 विकेट लेकर जीटी की जीत की संभावनाओं को खत्म कर दिया। बिश्नोई की कुशलता और अनुशासन ने बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर टिकना कठिन बना दिया। बांगर ने बिश्नोई के गेंदबाजी के अनोखे तरीके की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा, "रवि बिश्नोई बहुत कम लेग-ब्रेक गेंद डालते हैं। वे केवल गूगली और एक सीधी गेंद पर निर्भर रहते हैं। गूगली उनकी मुख्य गेंद है। उनके पास विविधता सीमित है, लेकिन वे प्रभावी और सटीक गेंदबाज हैं। बिश्नोई को विकेट तब मिलते हैं जब बल्लेबाज उनकी गेंद को कट करने के लिए पीछे हटते हैं, जैसा कि राहुल तेवतिया ने किया था।"