क्या बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में सात्विक-चिराग ने पदक पक्की की?

Click to start listening
क्या बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में सात्विक-चिराग ने पदक पक्की की?

सारांश

भारत के लिए बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में पदक सुनिश्चित करने वाले सात्विक और चिराग ने मलेशियाई जोड़ी को हराया। इस जीत ने ना केवल उन्हें सेमीफाइनल में पहुँचाया बल्कि पिछले ओलंपिक का बदला भी लिया। जानें इस बड़ी जीत के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • सात्विक और चिराग ने मलेशियाई जोड़ी को हराया।
  • उन्होंने सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
  • यह विश्व चैंपियनशिप में उनका दूसरा पदक है।
  • खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत का परिचय दिया।
  • भारत की खेल संस्कृति को मजबूती मिली।

पेरिस, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता आरोन चिया और सोह वूई यिक को क्वार्टर फाइनल में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिससे भारत के लिए पदक पक्का हो गया।

43 मिनट तक चले इस संघर्ष में सात्विक और चिराग ने मलेशियाई जोड़ी को 21-12, 21-19 से हराया। यह विश्व चैंपियनशिप में भारतीय जोड़ी का दूसरा पदक होगा।

पिछले वर्ष पेरिस ओलंपिक में इसी कोर्ट पर भारतीय जोड़ी को मलेशियाई जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा था।

जीत के बाद, चिराग शेट्टी ने कहा, "यह बहुत अच्छा अहसास है। यह ओलंपिक जैसा एक रीमैच था और मुझे लगता है कि हमें कुछ हद तक बदला मिल गया है। यह वही कोर्ट है, वही मंच है।"

उन्होंने आगे कहा, "एक साल पहले हम ओलंपिक खेल रहे थे, और अब विश्व चैंपियनशिप। उनके खिलाफ खेलना हमेशा अच्छा लगता है। बड़े आयोजनों में हमारे बीच कड़े मुकाबले होते हैं। हमें जीत पर गर्व है।"

रंकीरेड्डी ने सेमीफाइनल में जगह बनाने पर अपने प्रदर्शन को लेकर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, "दूसरे गेम में, जब हम आगे बढ़ रहे थे, मुझे पूरा विश्वास था कि हम इतनी आसानी से जीत नहीं पाएंगे। वे निश्चित रूप से मजबूत वापसी करेंगे।"

रेड्डी ने कहा, "जब हमने गेम जीते, तो मुकाबला कांटे का था, लेकिन हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ खेलना चाहते थे। आज हमने जिस तरह से खेला, उससे मैं वाकई खुश हूं।"

शनिवार को सेमीफाइनल में चीन की 11वीं वरीयता प्राप्त चेन बो यांग और लियू यी के खिलाफ होने वाले मैच पर शेट्टी ने कहा कि वह इसे टूर्नामेंट के किसी अन्य मैच की तरह ही लेंगे।

शेट्टी ने कहा, "हमारा ध्यान हमेशा एक मैच पर होता है। चीनी जोड़ी अच्छी और मजबूत है। हम उनके खिलाफ पहले भी खेल चुके हैं। मैच का इंतजार है।"

शुक्रवार को एकल में पीवी सिंधु और मिश्रित में तनिषा क्रैस्टोध्रुव कपिला की हार के बाद भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा था। सिंधु को इंडोनेशिया की नौवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वर्दानी से 14-21, 21-13, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा।

तनिषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी को मलेशिया की दुनिया की चौथे नंबर की जोड़ी चेन तांग जी और तोह ई वेई ने 15-21, 13-21 से हराया। यह मैच 37 मिनट तक चला।

Point of View

यह जीत न केवल खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह देश की खेल संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करती है। भारत के लिए यह एक गर्व का क्षण है और हमें अपने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सात्विक और चिराग ने किस टीम को हराया?
उन्होंने मलेशिया की टीम आरोन चिया और सोह वूई यिक को हराया।
यह जीत किस चैंपियनशिप में हुई?
यह जीत बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में हुई।
सात्विक और चिराग का अगला मुकाबला किससे होगा?
उनका अगला मुकाबला चीन की 11वीं वरीयता प्राप्त चेन बो यांग और लियू यी से होगा।
भारत की अन्य पदक उम्मीदें किन खिलाड़ियों पर थीं?
भारत की अन्य पदक उम्मीदें पीवी सिंधु और मिश्रित युगल में तनिषा क्रैस्टो व ध्रुव कपिला पर थीं।
इस जीत का महत्व क्या है?
यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत को दर्शाती है और भारतीय बैडमिंटन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।