फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से हराया, 36 साल बाद विश्व कप में दर्ज की ऐतिहासिक जीत
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी मुकाबले में स्कॉटलैंड ने 14 जून 2026 को बोस्टन में हैती को 1-0 से पराजित कर 36 वर्षों के लंबे इंतज़ार को समाप्त किया। 1990 इटली वर्ल्ड कप के बाद यह स्कॉटलैंड की फीफा विश्व कप में पहली जीत है, और 1998 के बाद पुरुष विश्व कप में उनका पहला मैच भी था।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही स्कॉटलैंड ने आक्रामक रुख अपनाया। स्कॉट मैकटोमिने ने 7वें मिनट में एक ज़ोरदार हेडर लगाया जो क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया, और इसके तुरंत बाद उनका एक और प्रयास गोलपोस्ट से टकराकर वापस आ गया। हैती ने भी जवाबी हमले जारी रखे और दबाव बनाए रखा।
निर्णायक पल 29वें मिनट में आया। फॉरवर्ड चे एडम्स ने लंबी गेंद पर नियंत्रण बनाते हुए बेन गैनन-डोक को पास दिया। उनके क्रॉस को हैती के डिफेंडर ने ब्लॉक किया, लेकिन गेंद जॉन मैकगिन के पास पहुँची। एस्टन विला के इस मिडफील्डर ने बॉक्स के किनारे से जोरदार शॉट लगाया जो हल्के से डिफ्लेक्ट होकर हैती के गोलकीपर जॉनी प्लेसिड को चकमा देते हुए नेट में समा गया।
हैती की वापसी की कोशिश
गोल के बाद हैती ने बराबरी के लिए जोर लगाया। हाइड्रेशन ब्रेक के बाद रूबेन प्रोविडेंस ने विंग से कट करके एक लो शॉट लगाया, जिसे स्कॉटलैंड के गोलकीपर एंगस गन ने कुशलता से रोका। दूसरे हाफ में प्रोविडेंस का एक शानदार क्रॉस भी आया, लेकिन विल्सन इसिडोर उसे गोल में नहीं बदल सके।
मैच के अंतिम मिनटों में फ्रैंट्जी पिएरोट ने एक मज़बूत हेडर लगाया, लेकिन गेंद गोल से बाहर चली गई। दूसरे हाफ में मैकगिन के पास भी दूसरा गोल करने का अवसर था, परंतु डिफेंडर रिकार्डो एडे के दबाव में वे सही शॉट नहीं लगा सके और गेंद बाहर चली गई।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह जीत स्कॉटलैंड के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक है। 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने किसी वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत दर्ज की — उस साल टीम ने न्यूज़ीलैंड को 5-2 से हराया था। यह ऐसे समय में आया है जब स्कॉटलैंड की टीम दशकों से विश्व कप के मंच पर संघर्ष करती रही है।
ग्रुप सी में स्थिति और आगे की राह
इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ग्रुप सी की तालिका में शीर्ष पर पहुँच गया है। वहीं, हैती को अब ब्राज़ील और मोरक्को के खिलाफ होने वाले मुकाबलों में वापसी करनी होगी। स्कॉटलैंड के लिए यह जीत आत्मविश्वास का बड़ा संचार है, और टीम अब अगले मुकाबलों में इसी लय को बनाए रखने की कोशिश करेगी।