क्या स्कॉटलैंड ने दूसरी बार लकी साबित होकर 2009 में इस टीम को रिप्लेस किया?
सारांश
Key Takeaways
- स्कॉटलैंड की टी20 विश्व कप 2026 में भागीदारी
- 2009 में भी दूसरी टीम के स्थान पर शामिल होना
- स्कॉटलैंड का अद्भुत प्रदर्शन
- बड़ी टीमों को हराने की क्षमता
- क्रिकेट में छोटे देशों की बढ़ती पहचान
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टी20 विश्व कप 2026 में स्कॉटलैंड की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। बांग्लादेश के बाहर रहने के फैसले के बाद आईसीसी ने रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया है। स्कॉटलैंड विश्व कप में बांग्लादेश के स्थान पर ग्रुप सी में शामिल हुआ है।
यह पहली बार नहीं है जब स्कॉटलैंड को किसी अन्य टीम के न खेलने की स्थिति में टी20 विश्व कप में शामिल किया गया है। पूर्व में भी ऐसी स्थिति का लाभ स्कॉटलैंड ने एक बार उठाया है।
साल 2009 में टी20 विश्व कप का दूसरा संस्करण इंग्लैंड में हुआ था। इस विश्व कप में 12 टीमों ने भाग लिया था। दक्षिण अफ्रीका के अलावा जिम्बाब्वे ने भी क्वालिफाई किया था, लेकिन इंग्लैंड द्वारा लगाए गए बैन के कारण जिम्बाब्वे को विश्व कप से नाम वापस लेना पड़ा। उस समय भी जिम्बाब्वे की जगह स्कॉटलैंड को मौका दिया गया था।
स्कॉटलैंड को एक कमजोर टीम माना जाता है, लेकिन टी20 विश्व कप में प्रतिनिधित्व के दृष्टिकोण से टीम में निरंतरता रही है। स्कॉटलैंड 2007, 2009, 2016, 2021, 2022 और 2024 में भाग ले चुका है। 2010, 2012 और 2014 में टीम ने क्वालिफाई नहीं किया था।
टी20 विश्व कप 2026 स्कॉटलैंड के लिए सातवां विश्व कप होगा।
पिछले 6 विश्व कप में स्कॉटलैंड ने कई बार बड़ी टीमों को हराया है और अपने प्रदर्शन से सभी को आश्चर्यचकित किया है। इस टीम ने हाल के कुछ टी20 विश्व कप में बड़ी सफलताएं प्राप्त की हैं। स्कॉटलैंड ने टी20 विश्व कप 2024 में इंग्लैंड को हराया, टी20 विश्व कप 2022 में वेस्टइंडीज को हराया, और टी20 विश्व कप 2021 में बांग्लादेश को हराया।
टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप सी में स्कॉटलैंड के अलावा इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल और इटली भी हैं। पूर्व में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज को हराने वाली स्कॉटलैंड इस बार नेपाल और इटली के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।