10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सोहेल खान ने 'कूडो एशियाई चैंपियनशिप- 2025' के लिए क्वालीफाई किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सोहेल खान ने 'कूडो एशियाई चैंपियनशिप- 2025' के लिए क्वालीफाई किया?

सारांश

भारत के सफल कूडो एथलीट सोहेल खान ने 'कूडो एशियाई चैंपियनशिप- 2025' के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की है। उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियां और कड़ी मेहनत उन्हें इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए योग्य बनाती हैं। जानिए उनके सफर के बारे में।

मुख्य बातें

सोहेल खान ने कूडो एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया।
उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, जिसमें उन्होंने दो महत्वपूर्ण मुकाबले जीते।
मोहम्मद एजाज खान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
वह 'मध्य प्रदेश के गोल्डन बॉय' के नाम से मशहूर हैं।
उन्होंने लगातार 22 राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते हैं।

सूरत, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रमुख कूडो एथलीट सोहेल खान ने 'कूडो एशियाई चैंपियनशिप- 2025' के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल का आयोजन 2 और 3 अगस्त को गुजरात के सूरत में स्थित एथलेटिका फिटनेस सेंटर में किया गया था। सोहेल ने वयस्क पुरुष- 250 पीआई वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम में प्रवेश पाया।

सोहेल ने पहले मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के बीरी टैसो को नॉकआउट से हराया। फाइनल में, उन्होंने राजस्थान के अभिमन्यु गोदारा को सबमिशन के जरिए मात दी। इन दो शानदार जीतों के साथ उन्होंने 1 से 4 नवंबर तक जापान के टोक्यो में होने वाली चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई।

क्वालीफिकेशन के बाद सोहेल ने कहा, "भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाना अद्भुत है। हर प्रतिस्पर्धा मुझे अपनी मेहनत साबित करने का एक अवसर देती है। मैं अपने कोच, परिवार और समर्थकों का आभार व्यक्त करता हूं। अब मेरा ध्यान एशियाई चैंपियनशिप की तैयारी और देश के लिए पदक जीतने पर है।"

सोहेल ने अपने कोच डॉ. मोहम्मद एजाज खान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया है, जिन्होंने उनके करियर के प्रारंभिक दिनों से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ट्रायल्स का आयोजन कूडो इंडिया के संस्थापक और देश में इस खेल के विकास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति, हंशी मेहुल वोरा के नेतृत्व में किया गया।

सोहेल का चयन बुल्गारिया के बर्गास में आयोजित 'कूडो विश्व कप- 2025' में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के कुछ हफ्तों बाद हुआ है। वह टूर्नामेंट के इतिहास में सीनियर फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने और रजत पदक के साथ लौटे। उन्होंने बुल्गारिया और लिथुआनिया के शीर्ष प्रतियोगियों को हराया, लेकिन तीसरे दौर में फ्रांस के क्वेंटिन मिरामोंट से मामूली अंतर से हार गए।

मध्य प्रदेश के सागर के निवासी सोहेल को पूरे भारत में 'मध्य प्रदेश के गोल्डन बॉय' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने लगातार 22 राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते हैं, जो भारतीय कूडो में एक अनूठा रिकॉर्ड है। वह जूनियर विश्व चैंपियन (2017) और अक्षय कुमार अंतर्राष्ट्रीय कूडो टूर्नामेंट के चार बार के स्वर्ण पदक विजेता भी हैं।

एशियाई चैंपियनशिप के नजदीक आने के साथ, वह एक बार फिर भारत का प्रतिनिधित्व करने और टोक्यो में पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सोहेल खान का यह सफर न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे देश के युवा एथलीटों के लिए भी प्रेरणाश्रोत है। उनके संघर्ष और मेहनत हमें यह सिखाते हैं कि यदि हम अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। हमें हमेशा अपने देश का समर्थन करना चाहिए और ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोहेल खान ने कितने स्वर्ण पदक जीते हैं?
सोहेल खान ने लगातार 22 राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते हैं, जो भारतीय कूडो में एक अनूठा रिकॉर्ड है।
कब और कहाँ कूडो एशियाई चैंपियनशिप होगी?
कूडो एशियाई चैंपियनशिप 1 से 4 नवंबर 2025 तक जापान के टोक्यो में आयोजित होगी।
सोहेल खान का कोच कौन है?
सोहेल खान के कोच डॉ. मोहम्मद एजाज खान हैं, जिन्होंने उनके करियर के प्रारंभिक दिनों से मार्गदर्शन किया है।
सोहेल ने किस प्रतियोगिता में रजत पदक जीता?
सोहेल ने बुल्गारिया के बर्गास में आयोजित 'कूडो विश्व कप- 2025' में रजत पदक जीता।
सोहेल खान को किस नाम से जाना जाता है?
सोहेल खान को पूरे भारत में 'मध्य प्रदेश के गोल्डन बॉय' के नाम से जाना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले