क्या सर्फिंग एक रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स है, जिसने ओलंपिक में भी जगह बनाई?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सर्फिंग एक अद्भुत वाटर स्पोर्ट्स है, जिसमें खिलाड़ी समुद्र की लहरों पर एक विशेष बोर्ड का सहारा लेकर संतुलन बनाए रखते हुए करतब दिखाते हैं। शक्ति, संतुलन, धैर्य और समय की समझ की यह गतिविधि तटीय क्षेत्रों में अत्यंत लोकप्रिय है।
400 ईस्वी में पोलिनेशियन मछुआरे मछली पकड़ने के लिए सरकंडे की नावों का उपयोग करते थे, जिसे सर्फिंग के प्रारंभिक स्वरूप के रूप में देखा जाता है।
खगोलीय माप में माहिर रॉयल नेवी के अधिकारी जेम्स किंग प्रसिद्ध खोजकर्ता कैप्टन कुक की तीसरी और अंतिम विश्व यात्रा (1776-1780) के दौरान उनके साथ थे। कुक की मृत्यु के पश्चात, जेम्स किंग ने जहाजों को घर लाने और कुक के यात्रा विवरण को पूरा करने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कुक की मृत्यु के बाद सर्फिंग पर लिखा, जिसने इस खेल के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने में मदद की।
हवाई में जन्मे लाइफगार्ड जॉर्ज फ्रीथ को 'मॉडर्न सर्फिंग के पिता' के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने 20वीं सदी की शुरुआत में एक 5 मीटर हार्डवुड के बोर्ड को काटकर आधुनिक सर्फिंग का रूप दिया। दूसरी तरफ, तीन बार के ओलंपिक स्विमिंग चैंपियन ड्यूक काहनमोकू ने अमेरिका में इस खेल को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद काहनमोकू इस खेल को ऑस्ट्रेलिया ले गए, जहाँ इसे ओलंपिक गेम्स में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया।
2020 के टोक्यो ओलंपिक में सर्फिंग ने ओलंपिक में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की, जिसमें 20 पुरुष और 20 महिला एथलीट शामिल थे, और शॉर्टबोर्ड का उपयोग किया गया। ब्राजील ने पुरुषों की श्रेणी में इस खेल का पहला ओलंपिक चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने महिलाओं की श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता।
सर्फिंग में दो और चार एथलीटों के बीच एक हीट प्रतियोगिता होती है, जिसमें शानदार लहरों को पकड़ने के लिए 20-30 मिनट का समय दिया जाता है। एक समय में केवल एक सर्फर लहर की सवारी कर सकता है। जजों का पैनल दो सर्वश्रेष्ठ राइडर्स का चयन करता है, जिन्हें प्रत्येक लहर में प्रदर्शन के आधार पर 10 में से अंक दिए जाते हैं। इस दौरान लहर के साथ तालमेल, कठिन परिस्थितियों और लहर के विभिन्न प्रकारों के आधार पर अंक निर्धारित किए जाते हैं।
भारत को इस खेल में ओलंपिक पदक जीतने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे, निरंतर प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञ कोच इस खेल में भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार कर सकते हैं।