सूर्यकुमार यादव के लिए बड़ा स्कोर करना ज़रूरी, कोच असवालकर बोले — 'वह खुद उबर जाएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव इन दिनों खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, लेकिन उनके बचपन के कोच अशोक असवालकर को पूरा भरोसा है कि सूर्या इस मुश्किल दौर से खुद बाहर निकलेंगे। असवालकर के अनुसार, इस वक्त बल्ले से एक बड़ी पारी खेलना सूर्यकुमार के लिए सबसे ज़रूरी है।
कोच का बयान
असवालकर ने कहा, 'जब खिलाड़ी का बुरा दौर शुरू होता है, तो उससे निकलना मुश्किल हो जाता है। सूर्या भी उसी दौर से जूझ रहे हैं, लेकिन वह इतने बड़े खिलाड़ी हैं, कि उन्हें पता है कि इससे कैसे निकलना है, वह खुद इससे उबर जाएंगे। आलोचनाएं थोड़ा-बहुत भटकाने का काम करती हैं, उन्हें इससे सीखना होगा और अपने गेम पर फोकस करते हुए बैटिंग में उतरकर बड़ा स्कोर करना होगा, जो उनके लिए बहुत जरूरी है।'
हालिया प्रदर्शन और आईपीएल 2026
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश रहा। उन्होंने 13 मुकाबलों में महज 20.76 की औसत से 270 रन बनाए, जिसमें केवल 2 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी टीम मुंबई इंडियंस (MI) भी इस सीजन 14 में से सिर्फ 4 मुकाबले जीत सकी और अंक तालिका में 9वें स्थान पर रही।
यह ऐसे समय में आया है जब सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने एशिया कप 2025 और टी20 विश्व कप 2026 दोनों खिताब जीते थे — यानी ट्रॉफी के बावजूद व्यक्तिगत फॉर्म चिंता का विषय बनी रही।
कप्तानी का सफर
जुलाई 2024 में सूर्यकुमार यादव को भारतीय टी20 टीम की कमान सौंपी गई थी, जब उन्होंने रोहित शर्मा की जगह ली और कप्तानी की दौड़ में हार्दिक पांड्या को पीछे छोड़ा। उस वक्त वे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नंबर-1 बल्लेबाज थे।
नए कप्तान की चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सूर्यकुमार के फॉर्म और भविष्य को देखते हुए अब नए टी20 कप्तान की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। कथित तौर पर श्रेयस अय्यर इस रेस में सबसे आगे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, आयरलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में टीम इंडिया एक नए कप्तान के साथ मैदान में उतर सकती है।
करियर के आँकड़े
सूर्यकुमार यादव भारत की ओर से 113 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 36.35 की औसत से 3,272 रन बना चुके हैं, जिसमें 4 शतक और 25 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 37 वनडे और 1 टेस्ट मैच भी खेला है। गौरतलब है कि इन आँकड़ों के बावजूद मौजूदा फॉर्म की खाई उनके चयन और कप्तानी दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।