सूर्यकुमार यादव की फॉर्म बनी कप्तानी गंवाने की वजह, श्रेयस अय्यर बने टी20 के नए कप्तान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज तथा एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपनी कप्तानी में दिलाने वाले सूर्यकुमार यादव को इस बार न केवल कप्तानी बल्कि टीम में अपनी जगह भी गंवानी पड़ी है। उनके बचपन के कोच अशोक असवालकर ने इस बदलाव की वजह सूर्या की लगातार निराशाजनक बल्लेबाज़ी फॉर्म को बताया है।
कोच असवालकर ने क्या कहा
सूर्यकुमार यादव के बचपन के कोच अशोक असवालकर ने कहा, 'पिछले डेढ़ साल से सूर्या के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने विश्व कप और सभी द्विपक्षीय सीरीज जीती है। लेकिन उनका अपना प्रदर्शन चिंताजनक रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि चयनकर्ता नए कप्तान के साथ आगे बढ़ना चाहते थे और सूर्या को टीम में वापसी के लिए बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर प्रतिक्रिया
श्रेयस अय्यर को टी20 फॉर्मेट का नया कप्तान नियुक्त किया गया है। असवालकर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'श्रेयस अय्यर बहुत अच्छा खेल रहे हैं और कप्तानी भी बेहतरीन है। मुझे विश्वास है कि वह भविष्य में भी अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे।' क्रिकेट कोच सुखविंदर सिंह बावा ने भी इस बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सूर्यकुमार के कम रन बनाना ही कप्तानी परिवर्तन की मुख्य वजह रही, और यह भी कि श्रेयस पंजाब किंग्स के लिए भी पिछले दो-तीन सालों में उम्दा कप्तानी कर रहे हैं।
श्रेयस की टीम इंडिया में वापसी
गौरतलब है कि श्रेयस अय्यर ने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 3 दिसंबर 2023 को खेला था। लगभग ढाई साल के अंतराल के बाद वे अब बतौर कप्तान टीम इंडिया में वापसी कर रहे हैं। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पुनरागमन है।
वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक चयन
टी20 टीम में 15 वर्षीय विस्फोटक बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है, जो टीम इंडिया में जगह पाने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए हैं। कोच असवालकर ने कहा, 'मैं शुरू से ही कह रहा था कि वह बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं और एक दिन टीम इंडिया के लिए ज़रूर खेलेंगे।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट टी20 में नई पीढ़ी की ओर संक्रमण कर रहा है। सूर्यकुमार यादव के लिए अगली घरेलू या द्विपक्षीय सीरीज़ में फॉर्म में वापसी ही टीम में पुनः प्रवेश का एकमात्र रास्ता दिखती है।