फ्रेंच ओपन 2026: स्वियातेक ने जोन्स को 6-1, 6-2 से रौंदा, दूसरे राउंड में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
इगा स्वियातेक ने फ्रेंच ओपन 2026 के पहले राउंड में सोमवार, 25 मई को पेरिस के रोलैंड गैरोस में ऑस्ट्रेलियाई किशोरी इमरसन जोन्स को 6-1, 6-2 से हराकर दूसरे राउंड में प्रवेश किया। तीसरी वरीयता प्राप्त इस पोलिश स्टार ने महज 17 विनर्स के दम पर मुकाबले पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम रखा।
मैच का घटनाक्रम
स्वियातेक ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया — पहले 8 पॉइंट्स लगातार जीते और जोन्स को एक भी पॉइंट दिए बिना उनकी सर्विस तोड़ दी। मैच का समापन उन्होंने अपने दूसरे मैच पॉइंट पर एक विशेष फोरहैंड शॉट से किया।
पहले सेट में एक बार सर्विस टूटने के बाद स्वियातेक ने तुरंत पलटवार किया और लगातार सात गेम जीतकर दूसरे सेट में 3-0 की बढ़त बना ली। इन सात में से चार गेम उन्होंने जोन्स को बिना कोई पॉइंट दिए जीते।
जोन्स ने दूसरे सेट में अपनी सर्विस बचाकर स्कोर 3-2 तक पहुँचाया, लेकिन इसके बाद स्वियातेक ने लगातार तीन गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जोन्स की चुनौती और अनुभव का अंतर
17 वर्षीया जोन्स विश्व रैंकिंग में 136वें स्थान पर हैं और यह उनका किसी भी स्तर पर पहला पेशेवर क्ले-कोर्ट मैच था। रोलैंड गैरोस से पहले इस सीज़न में उन्होंने केवल हार्ड कोर्ट पर मुकाबले खेले थे। पिछले वर्ष पेरिस में जूनियर लड़कियों के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुँचने के बाद यह उनका पहला बड़ा सीनियर टूर्नामेंट था।
जोन्स ने पूरे मैच में 5 विनर्स लगाए और स्वियातेक की दो कमज़ोर सर्विस गेम का फायदा उठाकर हर सेट में एक-एक बार उनकी सर्विस तोड़ी — जो उनकी प्रतिभा की झलक दिखाता है। गौरतलब है कि जोन्स अब तक तीन ग्रैंड स्लैम मेन ड्रॉ में वाइल्ड कार्ड से खेल चुकी हैं, लेकिन अभी तक एक भी सेट नहीं जीत पाई हैं।
स्वियातेक का क्ले-कोर्ट वर्चस्व
स्वियातेक अपनी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ क्ले-कोर्ट खिलाड़ियों में शुमार हैं। इस जीत के साथ टूर स्तर पर क्ले कोर्ट पर उनका करियर रिकॉर्ड 107-18 हो गया है। इससे पहले वे इस सतह पर 10 खिताब जीत चुकी हैं, जिनमें चार फ्रेंच ओपन खिताब भी शामिल हैं।
अगला मुकाबला
स्वियातेक का दूसरे राउंड में सामना सारा बेजलेक से होगा, जिन्होंने पूर्व यूएस ओपन चैंपियन स्लोएन स्टीफंस को 6-3, 6-2 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई है। यह मुकाबला स्वियातेक के खिताब बचाव अभियान की असली परीक्षा की शुरुआत माना जाएगा।