तेजल डामोर ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 200 मीटर टी12 में जीता कांस्य, बनाया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की दृष्टिबाधित धाविका तेजल डामोर ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पहली बार भाग लेते हुए 24 वर्षीया तेजल ने न केवल पदक हासिल किया, बल्कि अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया।
हीट से फाइनल तक का सफर
तेजल ने हीट दौड़ में 25.25 सेकंड का समय निकालकर अपनी श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। यह समय सितंबर में दुबई पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीतते वक्त दर्ज किए गए उनके 25.47 सेकंड के पिछले सर्वश्रेष्ठ से बेहतर रहा। दाहोद जिले की रहने वाली तेजल भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में अभ्यास करती हैं।
कोच का अथक समर्पण
तेजल ने इस पदक का श्रेय अपने कोच नितिन चौधरी को दिया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मैं अपने कोच को धन्यवाद देना चाहती हूँ। इस पदक के पीछे बहुत मेहनत और अनुशासन है। रविवार को आराम का दिन होने के बावजूद मेरे कोच ने प्रशिक्षण में कभी कमी नहीं आने दी। अगर अभ्यास का सत्र तय होता था, तो वह वहाँ मौजूद रहते थे।' यह ऐसे समय में आया है जब पैरा एथलेटिक्स में कोचिंग सहायता की गुणवत्ता प्रायः चर्चा में रहती है।
संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी
तेजल ने 2022 में पैरा एथलेटिक्स में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद से उनका सफर निरंतर ऊपर की ओर रहा है — 2025 में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छठा स्थान, फिर 2026 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, और इसी साल दुबई ग्रां प्री में भी स्वर्ण। तेजल ने कहा, 'हम यहाँ बहुत सारी उम्मीदों, कड़ी मेहनत और जीतने के मजबूत संकल्प के साथ आए थे। मेरी यात्रा में काफी संघर्ष रहा है, लेकिन मैंने ठान लिया था कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ, मुझे पदक लेकर लौटना है।'
400 मीटर पर निगाहें
200 मीटर का कांस्य पदक तेजल की उस रणनीति का हिस्सा था जो उन्होंने और कोच नितिन चौधरी ने मिलकर बनाई थी। तेजल के अनुसार, 'मेरी मुख्य स्पर्धा 400 मीटर टी12 है, जो अब होने वाली है। मेरे कोच और मुझे लगा था कि 200 मीटर में पदक जीतने से 400 मीटर के लिए हमारा आत्मविश्वास बढ़ेगा। अब इस पदक के साथ मैं अपनी मुख्य स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को लेकर और अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रही हूँ।'
सरकारी सहयोग और भविष्य की सोच
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने वार्षिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कैलेंडर (ACTC) के तहत तेजल की तैयारियों के लिए ₹2,05,961 की वित्तीय सहायता प्रदान की है। व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे सोचते हुए तेजल दाहोद में दृष्टिबाधित बच्चों के लिए एक समर्पित रनिंग ट्रैक बनवाना चाहती हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को एथलेटिक्स में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके। 400 मीटर स्पर्धा के परिणाम पर अब पूरे देश की नज़र है।