आईसीसी का बड़ा फैसला: यूएई कप्तान मुहम्मद वसीम पर 15%25 मैच फीस जुर्माना, अंपायरिंग पर पक्षपात का आरोप पड़ा भारी
सारांश
Key Takeaways
- यूएई कप्तान मुहम्मद वसीम पर आईसीसी ने मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया।
- नेपाल के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के बाद अंपायरिंग को पक्षपातपूर्ण बताना पड़ा महंगा।
- मामले की शिकायत चार अंपायरों — बुद्धि प्रधान, विनय कुमार, दुर्गा सुबेदी और संजय सिग्देल ने दर्ज कराई।
- वसीम को एक डिमेरिट प्वाइंट भी मिला; 24 महीनों में यह उनका पहला उल्लंघन है।
- 24 महीनों में 4 डिमेरिट प्वाइंट होने पर निलंबन का प्रावधान है।
- यूएई-नेपाल टी20 सीरीज 1-1 से बराबर रही; दोनों मैच त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के क्रिकेट कप्तान मुहम्मद वसीम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आचार संहिता उल्लंघन के चलते उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना ठोका है। नेपाल के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद मुहम्मद वसीम ने मैच की अंपायरिंग को पक्षपातपूर्ण करार दिया था, जो उन्हें बेहद महंगा साबित हुआ।
क्या था पूरा मामला?
मुहम्मद वसीम को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.7 के अंतर्गत लेवल-1 अपराध का दोषी पाया गया। यह अनुच्छेद किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में मैच अधिकारियों, खिलाड़ियों या टीमों के बारे में सार्वजनिक रूप से अनुचित टिप्पणी करने पर लागू होता है।
दरअसल, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले के बाद मैच के बाद प्रेजेंटेशन समारोह में वसीम ने मैच की अंपायरिंग पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए और उसे पक्षपाती बताया। यह बयान आईसीसी की नजर में अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना गया।
किसने दर्ज कराई शिकायत?
इस मामले की औपचारिक शिकायत ऑन-फील्ड अंपायर बुद्धि प्रधान और विनय कुमार के साथ-साथ थर्ड अंपायर दुर्गा सुबेदी और फोर्थ अंपायर संजय सिग्देल ने संयुक्त रूप से दर्ज कराई। चारों अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आईसीसी ने कार्रवाई शुरू की।
मुहम्मद वसीम ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए आईसीसी मैच रेफरी वेंडेल ला ब्रूय द्वारा प्रस्तावित दंड को मान लिया, जिससे किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं रही।
जुर्माने के साथ मिला डिमेरिट प्वाइंट भी
आर्थिक दंड के अलावा मुहम्मद वसीम को एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया है। यह पिछले 24 महीनों में उनका पहला उल्लंघन है। आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 उल्लंघन पर न्यूनतम दंड आधिकारिक फटकार और अधिकतम दंड मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना तथा एक से दो डिमेरिट प्वाइंट हो सकते हैं।
आईसीसी के नियमों के तहत, यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट प्वाइंट अर्जित कर लेता है, तो उसे निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। दो सस्पेंशन प्वाइंट का अर्थ है — एक टेस्ट मैच, या दो वनडे इंटरनेशनल, या दो टी20 इंटरनेशनल मैचों पर प्रतिबंध, जो भी पहले आए। डिमेरिट प्वाइंट खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीने तक दर्ज रहते हैं।
सीरीज का हाल और व्यापक संदर्भ
यूएई क्रिकेट टीम ने इस सीरीज का पहला टी20 मुकाबला छह विकेट से जीता था। हालांकि, दूसरे मैच में नेपाल क्रिकेट टीम ने आठ विकेट की शानदार जीत के साथ सीरीज बराबर कर दी। यह मुकाबला त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड, काठमांडू में खेला गया।
गौरतलब है कि आईसीसी समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई करता रहता है। अंपायरों की प्रतिष्ठा और मैदान पर निष्पक्षता की रक्षा के लिए आचार संहिता का सख्त पालन आईसीसी की प्राथमिकता है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि मुहम्मद वसीम आगामी मैचों में अपने आचरण को लेकर किस तरह की सतर्कता बरतते हैं।