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उत्तर प्रदेश हॉकी के कप्तान केतन कुशवाहा ने सब-जूनियर मेन्स नेशनल चैंपियनशिप जीतने का राज बताया

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उत्तर प्रदेश हॉकी के कप्तान केतन कुशवाहा ने सब-जूनियर मेन्स नेशनल चैंपियनशिप जीतने का राज बताया

सारांश

उत्तर प्रदेश हॉकी के कप्तान केतन कुशवाहा ने सब-जूनियर मेन्स नेशनल चैंपियनशिप जीतने के लिए खुली बातचीत और आपसी विश्वास को महत्वपूर्ण बताया। उनकी टीम ने फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश को हराकर सफलता हासिल की।

मुख्य बातें

खुली बातचीत और आपसी विश्वास की महत्ता।
फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश को हराना।
युवा खिलाड़ियों के विकास में निवेश का महत्व।
कोच रजनीश मिश्रा का योगदान।
उत्तर प्रदेश हॉकी की निरंतर सफलता।

राजगीर, बिहार, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश हॉकी के कप्तान केतन कुशवाहा ने कहा है कि सब-जूनियर मेन्स नेशनल चैंपियनशिप का खिताब जीतने की कुंजी टीम में खुली बातचीत और आपसी विश्वास रही।

कुशवाहा ने कहा, "शुरुआती गोल करने से मुझे पूरा यकीन हो गया कि हम मोमेंटम बनाए रख सकते हैं और अपने स्कोर में और बढ़ोतरी कर सकते हैं। हमने उस दबाव को बनाए रखने और अंततः चैंपियनशिप हासिल करने के लिए एक यूनिट के रूप में काम किया।"

उन्होंने कहा, "ड्रेसिंग रूम में हमें जो समर्थन मिला, वह अद्भुत था। हम निरंतर एक-दूसरे से संवाद कर रहे थे, अपनी गलतियों को पहचान रहे थे, और पिच पर उन्हें कैसे सुधारें, इस पर चर्चा कर रहे थे। यही खुली बातचीत और आपसी विश्वास ने हमें फाइनल जीतने के लिए प्रेरित किया।"

उत्तर प्रदेश हॉकी ने फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश को 5-2 से हराया। यूपी की टीम चैंपियनशिप में अपराजेय रही।

यूपी हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने जीत की सराहना करते हुए कहा कि यह युवा प्रतिभाओं को प्रारंभ से ही विकसित करने में राज्य के निरंतर निवेश का प्रमाण है।

सिंह ने कहा, "16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर मेन्स नेशनल चैंपियनशिप जीतना गर्व की बात है, न केवल उत्तर प्रदेश हॉकी के लिए बल्कि हर उस युवा लड़के के लिए जिसने इस सपने को साकार करने के लिए मैदान पर अनगिनत घंटे बिताए हैं। जब मैं अपने सफर को देखता हूँ—2014 में हमारे कांस्य पदक से लेकर आज हम जहां खड़े हैं—तो यह उस सिस्टमैटिक, धैर्य वाले काम को दर्शाता है जो जमीनी स्तर पर असली हॉकी संस्कृति बनाने में जाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह गोल्ड अचानक नहीं मिला। यह एक लंबे प्रयास और निरंतर मेहनत का नतीजा है। युवा खिलाड़ियों की जल्दी पहचान करना और उन्हें बेहतर बनाने के लिए उन्हें सही कोचिंग, सुविधाएं, और एक ऐसा माहौल देना जो उन्हें साल दर साल बेहतर बनाता है। हर साल, उत्तर प्रदेश से इन बड़े घरेलू प्रतियोगिताओं में आने वाले लड़के, पिछले साल की तुलना में ज्यादा तैयार, ज्यादा आत्मविश्वासी और तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम होकर आते हैं।"

उन्होंने कहा, "इसका श्रेय कोच रजनीश मिश्रा को जाता है जिन्होंने इस माहौल को बेहतर बनाने में निरंतर काम किया और सबसे महत्वपूर्ण, खुद खिलाड़ियों को, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और अनुशासन के बल पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।"

डॉ. आरपी सिंह ने कहा, "हम अपने विमेंस और सीनियर कार्यक्रम को बढ़ाने के लिए भी उतने ही प्रतिबद्ध हैं और उन क्षेत्रों में भी इस तरह की सफलता को दोहराने का प्रयास कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "हम इन युवा खिलाड़ियों की सफलता का जश्न मना रहे हैं।"

चैंपियनशिप में जीत उत्तर प्रदेश हॉकी के शानदार प्रदर्शन का एक नया अध्याय है। 2021 से, राज्य ने नेशनल चैंपियनशिप में 13 मेडल जीते हैं — जिसमें पाँच गोल्ड मेडल शामिल हैं—जो सब-जूनियर पुरुष, जूनियर पुरुष, और सीनियर पुरुष श्रेणी में हैं। इसके अलावा, महिलाओं की सब जूनियर और जूनियर प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश हॉकी ने फाइनल में किस टीम को हराया?
उत्तर प्रदेश हॉकी ने फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश को 5-2 से हराया।
चैंपियनशिप जीतने का मुख्य कारण क्या था?
चैंपियनशिप जीतने का मुख्य कारण टीम में खुली बातचीत और आपसी विश्वास था।
डॉ. आरपी सिंह ने किस बात की सराहना की?
डॉ. आरपी सिंह ने राज्य के युवा खिलाड़ियों के विकास में निरंतर निवेश की सराहना की।
कुशवाहा ने किस चीज़ को जीत की कुंजी बताया?
कुशवाहा ने खुली बातचीत और आपसी विश्वास को जीत की कुंजी बताया।
उत्तर प्रदेश हॉकी ने कितने मेडल जीते हैं?
उत्तर प्रदेश हॉकी ने 2021 से नेशनल चैंपियनशिप में 13 मेडल जीते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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