वैभव सूर्यवंशी का मंत्र: गेंदबाज नहीं, गेंद देखो — ध्रुव जुरेल ने खोला राज़
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने 28 मई 2026 को खुलासा किया कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की सफलता का असली राज़ यह है कि वे गेंदबाज के नाम या प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना सिर्फ गेंद पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह बात जुरेल ने आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही, जिसमें राजस्थान रॉयल्स (RR) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 47 रनों से हराया। वैभव ने उस मैच में महज 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
जुरेल ने क्या कहा
जुरेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव की खुलकर तारीफ करते हुए कहा, 'वैभव के बारे में सबसे अच्छी बात जो मैंने देखी है वह यह है कि वह कुछ भी प्लान नहीं करते हैं। वह बहुत प्रैक्टिस करते हैं और हमेशा खुद पर भरोसा करते हैं। जब भी वह बाहर जाकर खेलते हैं, तो यही करते हैं। उनके बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वह खुद पर भरोसा करते हैं। उसे जरा भी शक नहीं होता कि मैं यह नहीं कर पाऊंगा।'
जुरेल ने आगे बताया कि वैभव की यह सोच क्रिकेट की बुनियादी शिक्षा से आती है। उन्होंने कहा, 'हम जब एकेडमी में जाते थे, तो हमें यह सिखाया जाता था कि गेंदबाज को नहीं, बल्कि गेंद को देखो। हम हमेशा गेंदबाज को देखकर यह सोचते थे कि वह एक बड़ा नाम है। हालांकि, वैभव सिर्फ गेंद को देखते हैं। बस और कुछ नहीं। वैभव का मंत्र यह है कि उन्हें गेंदबाज से कोई फर्क नहीं पड़ता है।'
एलिमिनेटर में वैभव का तूफान
वैभव ने इस एलिमिनेटर मुकाबले में सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज़ अर्धशतक है। अपनी 97 रनों की पारी में उन्होंने 12 छक्के जड़े और आईपीएल प्लेऑफ मुकाबले में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
रिकॉर्डों की झड़ी
वैभव ने आईपीएल 2026 में अब तक 15 मुकाबलों में 680 रन बनाए हैं और 65 छक्के लगा चुके हैं। इस सीजन में उन्होंने क्रिस गेल का वह रिकॉर्ड तोड़ा जो गेल ने 2012 में 59 छक्कों के साथ बनाया था। इसके अलावा वे आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज भी बन गए हैं।
आगे क्या
राजस्थान रॉयल्स एलिमिनेटर जीत के बाद प्लेऑफ के अगले चरण में पहुँच गई है। वैभव सूर्यवंशी के इस फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वे आने वाले मुकाबलों में भी टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह किशोर बल्लेबाज अपनी 'गेंद देखो, गेंदबाज नहीं' वाली मानसिकता से विरोधी गेंदबाज़ों को आगे भी हैरान करता रहेगा।