विराट कोहली वनडे में नंबर-3 पर 13,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बनने की दहलीज पर
सारांश
मुख्य बातें
विराट कोहली 4 नवंबर 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में इतिहास रचने से महज 12 रन दूर हैं — वनडे क्रिकेट में नंबर-3 की पोजीशन पर 13,000 रन पूरे कर वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। नई दिल्ली में टीम इंडिया की तैयारियों के बीच यह आँकड़ा क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
रिकॉर्ड की पूरी तस्वीर
कोहली ने वनडे क्रिकेट में नंबर-3 की पोजीशन पर खेलते हुए अब तक 305 पारियों में 12,988 रन बनाए हैं। यदि वह 4 नवंबर के पहले वनडे में 12 रन बना लेते हैं, तो यह मील का पत्थर उनके नाम हो जाएगा। इस सूची में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने 365 पारियों में 12,662 रन बनाए हैं।
गौरतलब है कि वनडे क्रिकेट में किसी एक बल्लेबाजी पोजीशन पर सर्वाधिक रन बनाने का समग्र रिकॉर्ड अभी भी सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में 15,310 रन बनाए हैं।
लिस्ट-ए शतकों का भी रिकॉर्ड दाँव पर
कोहली के पास इस सीरीज में एक और ऐतिहासिक मौका है। यदि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ किसी भी वनडे मुकाबले में एक शतक लगाने में सफल रहते हैं, तो वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे। फिलहाल दोनों दिग्गज 60-60 शतकों के साथ बराबरी पर हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ कोहली का शानदार रिकॉर्ड
कोहली का न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 36 मुकाबलों में 57 की औसत से 1,897 रन बनाए हैं, जिसमें 7 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 154 रन नाबाद रही है।
न्यूजीलैंड की सरजमीं पर कोहली ने 11 वनडे खेले हैं और 46 की औसत से 514 रन बनाए हैं — इनमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। यह आँकड़े बताते हैं कि वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भी उतने ही घातक हैं जितने भारतीय मैदानों पर।
सीरीज का पूरा शेड्यूल
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पाँच मैचों की वनडे सीरीज का कार्यक्रम इस प्रकार है: पहला वनडे 4 नवंबर, दूसरा 7 नवंबर, तीसरा 10 नवंबर, चौथा 13 नवंबर और पाँचवाँ व आखिरी मुकाबला 15 नवंबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ-साथ क्रिकेट प्रेमियों की नज़रें कोहली के हर रन पर टिकी रहेंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब कोहली अपने करियर के परिपक्व चरण में भी रिकॉर्ड तोड़ते रहे हैं, जो उनकी निरंतरता और वनडे क्रिकेट में वर्चस्व का प्रमाण है।