14 अक्टूबर 2026
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वीजा अस्वीकृति से भारत के ९ पहलवान अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से बाहर, WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने अमेरिकी दूतावास को ठहराया जिम्मेदार

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वीजा अस्वीकृति से भारत के ९ पहलवान अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से बाहर, WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने अमेरिकी दूतावास को ठहराया जिम्मेदार

सारांश

अमेरिकी दूतावास ने 9 भारतीय पहलवानों को 'बेरोजगार' बताकर वीजा नकारा — WFI प्रमुख संजय सिंह के अनुसार इनमें से कम से कम दो स्वर्ण के दावेदार थे। इस संकट के बीच विश्वजीत मोरे ग्रीको-रोमन फाइनल में पहुँचकर इतिहास रचने की दहलीज पर हैं।

मुख्य बातें

WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने 14 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी दूतावास की आलोचना करते हुए कहा कि 9 भारतीय पहलवानों को वीजा न मिलने से भारत कम से कम 2 स्वर्ण पदक से चूका।
वीजा अस्वीकृति का आधार: पहलवान 20 वर्ष से कम आयु के और फुल-टाइम नौकरी से रहित — ग्रीको-रोमन व महिला वर्ग की टीमें प्रभावित।
UWW अध्यक्ष ने भी अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखा था, परंतु कोई राहत नहीं मिली।
10 सदस्यीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम को वीजा मिला और वह लास वेगास में प्रतिस्पर्धा कर रही है।
ग्रीको-रोमन पहलवान विश्वजीत मोरे ने 55 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाई — अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के इस वर्ग में भारत के पहले फाइनलिस्ट ।
मोरे का फाइनल मुकाबला जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से होगा; जीत पर वह पहले भारतीय ग्रीको-रोमन स्वर्ण विजेता बनेंगे।

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी दूतावास की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि लास वेगास में चल रही अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए 9 भारतीय पहलवानों को वीजा न मिलने की वजह से भारत कम से कम दो स्वर्ण पदकों से वंचित रह गया। ग्रीको-रोमन और महिला रेसलिंग वर्ग के इन पहलवानों के आवेदन इस आधार पर खारिज किए गए कि वे 20 वर्ष से कम आयु के हैं और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं है।

वीजा अस्वीकृति का पूरा मामला

संजय सिंह के अनुसार, अमेरिकी दूतावास ने 9 पहलवानों के वीजा आवेदन यह कहते हुए रद्द कर दिए कि वे बेरोजगार हैं और अमेरिका में 'बने रहने' का जोखिम है। उन्होंने बताया कि यह टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इस स्तर के प्रतिस्पर्धियों को ऐसे आधार पर वीजा से वंचित किया गया। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के अध्यक्ष ने भी भारतीय पहलवानों की ओर से अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखा था, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

गौरतलब है कि 10 सदस्यीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम को लास वेगास जाने की अनुमति मिल गई थी, जबकि ग्रीको-रोमन और महिला वर्ग की टीमें वीजा संकट की शिकार हुईं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।

संजय सिंह का बयान

सिंह ने कहा, 'अमेरिकी दूतावास ने 9 भारतीय पहलवानों के वीजा इस आधार पर खारिज कर दिए कि वे बेरोजगार हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। यहाँ तक कि UWW के अध्यक्ष ने भी इस मामले को लेकर उन्हें पत्र लिखा था।' उन्होंने आगे कहा, 'वीजा न मिलना पूरी तरह से अमेरिकी दूतावास की गलती है और इसके परिणामस्वरूप भारत गोल्ड मेडल जीतने से चूक गया।' उनके अनुसार, वंचित 9 पहलवानों में से कम से कम दो स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार थे।

विश्वजीत मोरे: उम्मीद की किरण

निराशाजनक पृष्ठभूमि के बीच ग्रीको-रोमन पहलवान विश्वजीत मोरे ने भारत को गर्व का अवसर दिया। मंगलवार को लास वेगास में वह अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के ग्रीको-रोमन वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाले भारत के पहले पहलवान बने। 55 किलोग्राम भारवर्ग में खेलते हुए मोरे ने लगातार तीन कठिन मुकाबले जीते।

उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत मेक्सिको के इसाक मारिन माटा को 10-8 से हराकर की। इसके बाद उन्होंने अंडर-20 विश्व चैंपियन आर्मिन शमसीपुर को 8-1 से मात दी — इस मुकाबले में एक शानदार चार अंक के थ्रो ने पासा पलट दिया। सेमीफाइनल में रूस के मलिक गिगिएव को 7-4 से हराकर मोरे फाइनल में पहुँचे।

उल्लेखनीय है कि मोरे अंडर-23 विश्व स्तर पर दो बार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं और इस वर्ग में दो पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान हैं।

फाइनल: ऐतिहासिक मौका

स्वर्ण पदक के लिए मोरे का सामना जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से होगा। कारुमिद्जे सेमीफाइनल में किर्गिस्तान के बार्सबेक असानकोझोएव से रोमांचक मुकाबले में जीतकर फाइनल में पहुँचे। यदि मोरे जीतते हैं तो वह अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के ग्रीको-रोमन वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बन जाएँगे।

टूर्नामेंट का कार्यक्रम

अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। ग्रीको-रोमन मुकाबले 12 से 14 अक्टूबर तक चले। महिला वर्ग की प्रतियोगिताएँ 14 से 16 अक्टूबर तक जारी हैं। पुरुष फ्रीस्टाइल मुकाबले 16 से 18 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें भारतीय फ्रीस्टाइल टीम हिस्सा लेगी। वीजा विवाद के बाद अब सभी की निगाहें मोरे के फाइनल पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उस गहरी खामी को उजागर करता है जिसमें युवा भारतीय एथलीट — जो पेशेवर रूप से खेल में समर्पित हैं — अमेरिकी वीजा प्रणाली की 'नौकरी-केंद्रित' कसौटी पर खरे नहीं उतरते। WFI और भारतीय खेल अधिकारियों को यह सवाल पूछना होगा कि UWW की चिट्ठी के बावजूद दूतावास क्यों नहीं झुका और भविष्य के टूर्नामेंटों के लिए वीजा प्रक्रिया को पहले से सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया। विश्वजीत मोरे का फाइनल तक का सफर इस शर्मिंदगी को आंशिक रूप से ढक सकता है, लेकिन संरचनात्मक सुधार के बिना अगली चैंपियनशिप में यही त्रासदी दोहराई जा सकती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय पहलवानों को अमेरिकी वीजा क्यों नहीं मिला?
अमेरिकी दूतावास ने 9 भारतीय पहलवानों के वीजा आवेदन इस आधार पर अस्वीकार कर दिए कि वे 20 वर्ष से कम आयु के हैं और उनके पास कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं है। WFI अध्यक्ष संजय सिंह के अनुसार टूर्नामेंट के इतिहास में यह पहली बार हुआ।
कितने पहलवान अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से बाहर हुए और कौन-से वर्ग प्रभावित हुए?
कुल 9 पहलवान वीजा न मिलने के कारण प्रतियोगिता से बाहर रहे। प्रभावित वर्ग ग्रीको-रोमन और महिला रेसलिंग हैं। 10 सदस्यीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम को वीजा मिला और वह लास वेगास में प्रतिस्पर्धा कर रही है।
विश्वजीत मोरे कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
विश्वजीत मोरे भारत के ग्रीको-रोमन पहलवान हैं जो अंडर-23 विश्व स्तर पर दो बार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। 14 अक्टूबर 2026 को लास वेगास में वह अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के ग्रीको-रोमन वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पहलवान बने।
विश्वजीत मोरे का फाइनल कब और किसके खिलाफ है?
मोरे का फाइनल मुकाबला जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से होगा। यह फाइनल 55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में लास वेगास में खेला जाएगा। जीत पर मोरे अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनेंगे।
अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 का पूरा कार्यक्रम क्या है?
टूर्नामेंट लास वेगास में तीन चरणों में आयोजित हो रहा है: ग्रीको-रोमन ( 12-14 अक्टूबर ), महिला वर्ग ( 14-16 अक्टूबर ), और पुरुष फ्रीस्टाइल ( 16-18 अक्टूबर )। भारतीय फ्रीस्टाइल टीम अंतिम चरण में हिस्सा लेगी।
राष्ट्र प्रेस
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