ट्रंप की भारत यात्रा पर कीर्ति वर्धन सिंह बोले — वैश्विक जियो-इकोनॉमिक्स में तेज़ बदलाव, भारत-अमेरिका संबंध नई दिशा में
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 27 जून 2026 को गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में वैश्विक जियो-इकोनॉमिक्स तेज़ी से करवट बदल रही है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का स्वरूप पहले की तुलना में कहीं अधिक गतिशील हो चुका है।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि आज विश्व के लगभग सभी देश अपने राष्ट्रीय हितों, आर्थिक विकास और नागरिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से देश मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर रहे हैं, नई आर्थिक साझेदारियाँ स्थापित कर रहे हैं और बहुपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अर्थव्यवस्था सबसे निर्णायक कारक बनकर उभरी है, और दुनिया भर के उद्योग, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा व्यापारिक गतिविधियाँ अब एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा की बढ़ती अहमियत
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक देश ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए आर्थिक साझेदार तलाश रहा है तथा अपने दीर्घकालिक रणनीतिक विज़न के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संबंध विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर देशों के बीच आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सकारात्मक बदलाव
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि एक समय अमेरिका को यह महसूस होता था कि भारत में निर्मित उत्पाद वहाँ अपेक्षाकृत कम शुल्क पर पहुँच रहे हैं, जिससे उसे प्रतिस्पर्धा की चिंता रहती थी। हालाँकि, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताओं के ज़रिये विभिन्न मुद्दों का समाधान निकल रहा है और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संतुलन स्थापित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे न केवल भारत और अमेरिका, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी लाभ मिल रहा है।
मोदी और ट्रंप की प्राथमिकताओं में समानता
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब से देश की बागडोर संभाली है, उनका प्रमुख उद्देश्य भारत को आर्थिक, सामरिक और वैश्विक स्तर पर अधिक मज़बूत बनाना रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप का लक्ष्य 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के संकल्प को आगे बढ़ाना रहा है। कीर्ति वर्धन सिंह के अनुसार, व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो दोनों नेताओं की प्राथमिकताओं में काफ़ी समानता दिखती है — दोनों अपने-अपने देशों के हितों को सर्वोच्च स्थान देते हुए विकास और आर्थिक मज़बूती पर विशेष ज़ोर देते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी बताई जा रही है और ट्रंप की संभावित भारत यात्रा को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज़ है।