हार्ट सर्जरी के बाद ली यिंगयिंग एवीसी चैंपियनशिप और एशियन गेम्स से बाहर, खुद दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
चीन की स्टार वॉलीबॉल स्पाइकर ली यिंगयिंग ने 5 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर घोषणा की कि हृदय संबंधी सर्जरी के बाद वह आगामी एवीसी विमेंस वॉलीबॉल कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगी। ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन रिकवरी को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने दोनों प्रतियोगिताओं से अपना नाम वापस ले लिया है।
खिलाड़ी का बयान
यिंगयिंग ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण मुझे सर्जरी करवानी पड़ी। ऑपरेशन सफल रहा और अब मुझे घर पर ठीक होने के लिए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पूरी जांच के बाद, मैं एवीसी विमेंस वॉलीबॉल कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप या एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लूंगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे बहुत निराशा हो रही है, लेकिन सेहत हमेशा प्राथमिकता होती है। मैं रिहैबिलिटेशन पर ध्यान दूंगी और धीरे-धीरे अपनी फिटनेस वापस हासिल करूंगी। राष्ट्रीय टीम को सफलता के लिए शुभकामनाएं देती हूं और पूरी तरह ठीक होने के बाद कोर्ट पर वापसी का इंतजार रहेगा।'
चोटों का लंबा सिलसिला
26 वर्षीय यिंगयिंग हालिया वर्षों में लगातार चोटों से जूझती रही हैं, जिसके कारण उन्हें पिछले साल विदेश में खेलने का मौका भी अस्थायी रूप से छोड़ना पड़ा था। अप्रैल 2026 की शुरुआत से वह राष्ट्रीय टीम के साथ ट्रेनिंग में लौटी थीं, लेकिन उसके बाद से किसी भी मैच में उनकी भागीदारी नहीं रही। यह ऐसे समय में आया है जब चीनी वॉलीबॉल टीम बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है।
एवीसी चैंपियनशिप का महत्व
एवीसी विमेंस वॉलीबॉल कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप 21 अगस्त 2026 को तियानजिन में शुरू होगी। इस प्रतियोगिता का दांव बड़ा है — विजेता टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा।
मंगलवार को तियानजिन में हुए ड्रॉ में 12 टीमों को तीन पूल में बांटा गया। पूल-A में चीनी ताइपे, ईरान और इराक हैं। पूल-B में थाईलैंड, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया हैं, जबकि पूल-C में जापान का सामना वियतनाम, साउथ कोरिया और हांगकांग से होगा।
टूर्नामेंट का प्रारूप
सिंगल राउंड-रॉबिन ग्रुप स्टेज के बाद प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली दो सर्वश्रेष्ठ टीमें — कुल 8 टीमें — क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। चीन की टीम यिंगयिंग के बिना इस ओलंपिक क्वालिफायर में उतरेगी, जो उनकी रणनीति पर असर डाल सकता है।