क्या खिलाड़ियों को जिम नहीं जाना चाहिए? योगराज सिंह का बयान
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चंडीगढ़, 2 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को एक कड़वी हार का सामना करना पड़ा। इस टेस्ट में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल मिलाकर पांच शतक बनाए। इसके बावजूद, टीम जीत का ध्वज नहीं लहरा सकी। इस हार को लेकर पूर्व ऑलराउंडर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने बताया कि पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने कहां गलती की।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में योगराज सिंह ने कहा, "जीत हो या हार, खेल के हर क्षेत्र में टीम का प्रदर्शन कमजोर रहा, उस पर चर्चा होनी चाहिए। पहले टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया का स्कोर 550 से 600 तक पहुंचने की संभावना थी। लेकिन, हमने अपने अंतिम 6 विकेट केवल 41 रन जोड़कर खो दिए। दूसरी पारी में भी ऐसा ही हुआ। बल्लेबाजों को अपनी तकनीक में सुधार करना होगा। हम अपने ही गलतियों के कारण विकेट गंवा रहे हैं, न कि गेंदबाजों की क्षमता के कारण। ऋषभ पंत ने दोनों पारियों में शतक लगाया। उसी तरह सभी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
योगराज सिंह ने यह भी कहा कि हमारी फिल्डिंग काफी खराब रही। एक पारी में 5 से 6 कैच छोड़ने के बाद, मैच जीतने की उम्मीद नहीं की जा सकती। सौरव गांगुली और एमएस धोनी के समय, भारतीय टीम टेस्ट क्यों जीतती थी? इसका कारण युवराज सिंह, रविंद्र जडेजा और विराट कोहली जैसे बेहतरीन फील्डर्स का टीम में होना था। हमें फिल्डिंग में सुधार लाना होगा, अन्यथा हम टेस्ट मैच नहीं जीत सकते। आजकल टी20 मैचों की अधिकता है, जिसके कारण टेस्ट की फिल्डिंग भी प्रभावित हुई है।
पूर्व क्रिकेटर ने कहा, "मैं बार-बार कहता हूं कि क्रिकेटर्स को जिम नहीं जाना चाहिए। उनका शरीर लचीला होना चाहिए। कपिल देव, डेनिस लिली, रिचर्ड हेडली कभी जिम नहीं गए। वेस्टइंडीज के खिलाड़ी भी कभी जिम नहीं गए। सभी खिलाड़ी मैदान पर मेहनत करते थे। जसप्रीत बुमराह इतने बड़े गेंदबाज हैं, लेकिन वह पांचवीं बार घायल हुए हैं। उन्हें जिम जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। बिना जिम के भी वह प्रभावशाली साबित हो सकते हैं। हां, टीम को उन पर निर्भरता कम करनी चाहिए।