क्या शुभमन गिल की सफलता में युवराज का योगदान है? : योगराज सिंह
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चंडीगढ़, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने एजबेस्टन में शुभमन गिल द्वारा खेली गई 269 रन की पारी की सराहना की है। उन्होंने यह भी कहा कि गिल को तिहरा शतक बनाना चाहिए था।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए योगराज ने कहा, "बल्लेबाजों की रन बनाने की भूख कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। मैं कभी ज्यादा उत्साहित नहीं होता। बल्ले से रन बनाना ही बल्लेबाजों का काम है। आपने 200 बनाए हैं, तो 300 बनाइए। हालांकि, शुभमन गिल ने शानदार खेल दिखाया। गिल के पीछे महान युवराज सिंह का हाथ है। मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा क्योंकि युवराज मेरे बेटे हैं। वह सभी का है।"
योगराज ने कहा कि भविष्य में युवराज द्वारा प्रशिक्षित और भी खिलाड़ी शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा की तरह भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाएंगे। यह संभव है कि भारतीय टीम के सभी 11 खिलाड़ी युवराज से प्रशिक्षित हों। शुभमन पिछले सात साल से युवराज के साथ हैं। युवराज लगातार उनकी कमजोरियों पर काम कर रहे हैं। आप देख सकते हैं कि शुभमन की बल्लेबाजी पहले से बेहतर होती जा रही है।
शुभमन ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 269 रन बनाए। उम्मीद थी कि वह तिहरा शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन वह चूक गए। उनकी इस पारी के कारण भारत ने पहली पारी में 587 का स्कोर बनाया।
योगराज ने कहा कि भारत को दूसरी पारी में 250 के आसपास स्कोर बनाकर इंग्लैंड को 450 के आस-पास का लक्ष्य देना चाहिए और उन्हें ऑल आउट कर मैच जीतना चाहिए। हमें जीत के लिए यही दृष्टिकोण अपनाना होगा। हार के डर से हमें बाहर निकलना होगा।
पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि गेंदबाज ही मैच जिताते हैं। फिल्डर्स का भी मैच जीतने में महत्वपूर्ण योगदान होता है। हमारे पास ऐसे फिल्डर होने चाहिए जो ऐसे कैच पकड़ें, जिनके पकड़े जाने की संभावना कम होती है। जब आप अविश्वसनीय कैच पकड़ते हैं, तो मैच जीतने का अवसर 99 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। कैच छूटने से टीम का आत्मविश्वास कम होता है।
पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने कई कैच छोड़े थे, जिसका परिणाम हार के रूप में सामने आया।
हार के बाद आलोचनाओं पर योगराज ने कहा कि लोगों के पास कोई काम नहीं है, वे केवल आलोचना करना जानते हैं। जीत हो या हार, आलोचना बंद नहीं होती। यहां हर कोई कोच बन जाता है। जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव हमारे प्रमुख गेंदबाज हैं। अगर उन्हें टीम से बाहर रखा गया है, तो इसके पीछे कोई सोच होगी। हमें आलोचना से बचते हुए हर परिस्थिति में अपनी टीम का समर्थन करना होगा, तभी हम जीत सकेंगे।