कच्चाथीवू के पास श्रीलंकाई नौसेना ने 10 तमिलनाडु मछुआरों को गिरफ्तार किया, ट्रॉलर भी जब्त
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंकाई नौसेना ने 13 अगस्त 2026 की रात कच्चाथीवू के निकट समुद्री सीमा में तमिलनाडु के 10 मछुआरों को हिरासत में लेते हुए उनका मैकेनाइज्ड ट्रॉलर भी जब्त कर लिया। गिरफ्तार मछुआरे रामेश्वरम, पंबन, विरुधुनगर और थंगाचिमदम के रहने वाले हैं, और उन पर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने का आरोप है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
तमिलनाडु मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह आवश्यक टोकन लेने के बाद 297 मैकेनाइज्ड ट्रॉलर रामेश्वरम फिशिंग जेट्टी से समुद्र में उतरे थे। देर रात, थंगाचिमदम के राजन नगर निवासी वेलिंगटन की एक मैकेनाइज्ड नाव को श्रीलंकाई नौसेना की सर्विलांस टीम ने कच्चाथीवू के पास रोक लिया। प्रारंभिक जाँच के बाद नाव और उसके सभी 10 सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया।
हिरासत में लिए गए मछुआरों में 45 वर्षीय जनथन, 38 वर्षीय एंटनी पिचाई, 43 वर्षीय प्रभु, 55 वर्षीय डॉन बॉस्को, 31 वर्षीय अरोकिया डेविन, 51 वर्षीय वेलुचामी, 52 वर्षीय सुब्बैया, 25 वर्षीय अरोकिया जेनिस्टन और 30 वर्षीय स्टीविन शामिल हैं। दसवें मछुआरे की पहचान तत्काल सामने नहीं आ सकी।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
मत्स्य पालन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी मछुआरों को पूछताछ के लिए तलाईमन्नार बंदरगाह ले जाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुरुवार को श्रीलंका की एक अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। जब्त ट्रॉलर के बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है।
मछुआरा समुदाय में आक्रोश
इस गिरफ्तारी ने रामनाथपुरम जिले के मछुआरा समुदाय में गहरा रोष भर दिया है। गौरतलब है कि यह घटना महज पाँच दिन पहले हुई एक अन्य गिरफ्तारी के बाद आई है, जब नौ मछुआरों को कथित तौर पर नेदुनथीवु के पास तकनीकी खराबी के चलते हिरासत में लिया गया था। उस घटना के विरोध में रामेश्वरम के मछुआरे एक दिन के लिए समुद्र से दूर रहे थे।
मछुआरों के प्रतिनिधियों का कहना है कि बार-बार की गिरफ्तारियों और नावों की जब्ती से उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर टूट रहे हैं।
नेताओं की माँग और सरकार पर आरोप
मछुआरा नेता जेसु राजा ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार पर इस बार-बार उठने वाले समुद्री विवाद का स्थायी समाधान निकालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय बार-बार प्रभावी कूटनीतिक हस्तक्षेप की अपील करता रहा है, लेकिन पाक खाड़ी में जाने पर उन्हें गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ता है। उनके शब्दों में, सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं और उनकी निष्क्रियता से मछुआरे परिवारों को भारी कठिनाई उठानी पड़ रही है।
मछुआरा समुदाय ने अधिकारियों से माँग की है कि गिरफ्तार लोगों और उनके ट्रॉलर को तत्काल रिहा कराया जाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय वार्ता तुरंत शुरू की जाए। यह विवाद दशकों पुराना है और अब तक कोई स्थायी कूटनीतिक ढाँचा नहीं बन पाया है।