16 वर्षों से फरार आरोपी परस राम सीबीआई के हाथों लगा, दोहरे हत्याकांड में था वांछित
सारांश
Key Takeaways
- परस राम उर्फ राजू शर्मा की गिरफ्तारी से कानून के प्रति विश्वास बढ़ता है।
- 16 सालों से फरार रहने के बाद भी सीबीआई ने उसे पकड़ लिया।
- इस मामले में 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
- जांच में तकनीकी सूचनाओं का महत्वपूर्ण योगदान था।
- मामले में आगे की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लगभग 16 वर्षों से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को पकड़ा है। आरोपी की पहचान परस राम उर्फ राजू शर्मा के रूप में हुई है, जो राजस्थान के एक चर्चित दोहरे हत्याकांड में वांछित था। आरोपी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
सीबीआई द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 6 अप्रैल 2011 को दर्ज किया गया था। मामले को राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के निर्देश पर दर्ज किया गया था, जिसमें कुल छह आरोपियों को नामजद किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, 29 जुलाई 2010 को आरोपियों ने राजस्थान के कामां क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर में अवैध रूप से प्रवेश कर देशी हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में मौके पर ही दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी, जिनमें एक पिता और उसका बेटा शामिल थे। दोनों उस समय के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के परिवार के सदस्य थे। इस हमले में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
सीबीआई की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस मामले का एक आरोपी, परस राम, केस दर्ज होने के बाद से ही फरार था। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के कारण अदालत ने उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उस पर 5 लाख रुपए का इनाम भी रखा था। आरोपी के फरार रहने के कारण उसके खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई थी।
सीबीआई ने बताया कि तकनीकी जानकारी और फील्ड इंटेलिजेंस के विश्लेषण के बाद एजेंसी को आरोपी के ठिकाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। जांच में पता चला कि परस राम ने अपनी पहचान बदलकर राजू शर्मा नाम से रह रहा था। खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने 5 मार्च को नई दिल्ली से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी संबंधित अदालत द्वारा जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर हुई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।