22 अक्टूबर 2026
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विकसित भारत 2047: UPES दीक्षांत समारोह में CM धामी ने युवाओं को दिया जागरूकता और मेहनत का संदेश

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विकसित भारत 2047: UPES दीक्षांत समारोह में CM धामी ने युवाओं को दिया जागरूकता और मेहनत का संदेश

सारांश

CM पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में UPES के 24वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को 2047 के विकसित भारत के सपने का वाहक बताया। साथ ही उन्होंने सतर्कता का संदेश भी दिया — कि कुछ ताकतें युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश करती हैं, इसलिए विवेक और जिम्मेदारी जरूरी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर 2026 को UPES विश्वविद्यालय, देहरादून के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
धामी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के PM मोदी के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है।
राज्य सरकार पिछले पाँच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए युवाओं को रोजगार देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी — आरोप लगाया कि कुछ ताकतें सरकारों को अस्थिर करने और युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश करती हैं।
UPES की शैक्षणिक उत्कृष्टता की प्रशंसा करते हुए धामी ने कहा कि देश-विदेश में इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री प्राप्ति जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है, अंत नहीं।

विकसित भारत में युवाओं की जिम्मेदारी

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के प्रतिभाशाली युवाओं पर है। उन्होंने कहा, 'युवाओं के बीच आने से नई ऊर्जा मिलती है।' मुख्यमंत्री ने डिग्री पाने वाले सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की।

असफलता से सीखने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिसर से बाहर निकलने के बाद वास्तविक जीवन की कठिन परीक्षाएँ शुरू होती हैं। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता दोनों जीवन के अभिन्न हिस्से हैं — असफलता से निराश होने की बजाय उसे अपनी कमियाँ पहचानने और सुधार करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। धामी ने युवाओं को जीवनभर सीखते रहने की सलाह देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पूरी तरह परिपूर्ण नहीं होता और अंतिम पड़ाव तक सीखने की भावना बनाए रखने वाला व्यक्ति ही संतोष एवं सफलता प्राप्त कर सकता है।

राज्य सरकार और युवा रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की राज्य सरकार पिछले पाँच वर्षों से लगातार युवाओं को रोजगार प्रदान करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्तियाँ देने का काम कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ नई यात्रा की शुरुआत करें।

वैश्विक उथल-पुथल और जागरूकता की जरूरत

धामी ने दुनिया में जारी संकट और बदलती परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को वैश्विक घटनाक्रम से सबक लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती हैं और भारत में भी युवाओं को भ्रमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल की कुछ घटनाओं में अराजकता, अनुशासनहीनता और बड़ों के प्रति सम्मान में कमी देखी गई — युवाओं को ऐसी परिस्थितियों में विवेक और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

UPES की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना

मुख्यमंत्री ने यूपीईएस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ेगा और उत्तराखंड का नाम रोशन करेगा। धामी ने बताया कि देश-विदेश में जब लोग उनसे मिलकर बताते हैं कि वे यूपीईएस के पूर्व छात्र हैं, तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होती है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर नीतिगत सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री धामी के इस संबोधन से स्पष्ट है कि राज्य सरकार युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में सहभागी बनाने को प्राथमिकता दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'कुछ ताकतें सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती हैं' जैसे आरोप एक दीक्षांत समारोह के लिए असामान्य राजनीतिक स्वर हैं — यह संकेत है कि सत्तारूढ़ दल युवाओं को एक खास राजनीतिक चेतना के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है। रोजगार के दावे उल्लेखनीय हैं, लेकिन 'पाँच वर्षों में नियुक्तियाँ' के आँकड़े या क्षेत्रवार विवरण नहीं दिए गए — जो इन दावों को सत्यापित करना कठिन बनाता है। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य राष्ट्रीय कथा का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसे युवाओं की ठोस शिक्षा और रोजगार नीतियों से जोड़ने का काम अभी बाकी है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM धामी ने UPES दीक्षांत समारोह में युवाओं को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश न हों, बल्कि उससे सीखें और मेहनत, धैर्य व सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। CM धामी ने कहा कि इस संकल्प को पूरा करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के युवाओं पर है।
UPES विश्वविद्यालय का 24वाँ दीक्षांत समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह समारोह 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित UPES (यूपीईएस) विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
CM धामी ने युवाओं को किन 'ताकतों' से सावधान रहने की बात कही?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती हैं और भारत में युवाओं को भ्रमित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से विवेक और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और किसी भी बहकावे में न आने की अपील की।
उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के क्षेत्र में क्या किया है?
CM धामी के अनुसार, उत्तराखंड की राज्य सरकार पिछले पाँच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से युवाओं को नियुक्तियाँ प्रदान करने का कार्य लगातार कर रही है। हालाँकि, उन्होंने इस संदर्भ में कोई विशेष आँकड़ा या क्षेत्रवार विवरण नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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