बंगाल चुनाव परिणाम 4 मई को BJP की गलतफहमी दूर करेंगे: TMC सांसद बाबुल सुप्रियो
सारांश
Key Takeaways
- TMC सांसद बाबुल सुप्रियो ने 29 अप्रैल को हावड़ा में मतदान किया और BJP पर तंज कसा।
- पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर बुधवार को मतदान हुआ।
- सुप्रियो ने दावा किया कि उनके क्षेत्र में लगभग 90%25 मतदान हुआ।
- कुछ इलाकों में मतदाताओं को 'बांग्लादेशी' या 'रोहिंग्या' कहे जाने का डर दिखाए जाने का आरोप लगाया।
- मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सुप्रियो ने सवाल उठाए।
- चुनाव परिणाम 4 मई को आने हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद बाबुल सुप्रियो ने बुधवार, 29 अप्रैल को हावड़ा में मतदान करने के बाद दावा किया कि 4 मई को आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमाम गलतफहमियाँ दूर कर देंगे। पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 142 सीटों पर मतदान हुआ, जिसे सुप्रियो ने 'लोकतांत्रिक उत्सव' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
वोट डालने के बाद सुप्रियो ने कहा कि अभी जो माहौल बन रहा है, वही 4 मई के परिणामों में भी प्रतिबिंबित होगा। उन्होंने TMC सरकार की वापसी के संकेत देते हुए कहा कि BJP के सत्ता में आने के दावे निराधार हैं और चुनाव नतीजे इसे स्पष्ट कर देंगे। सुप्रियो ने यह भी कहा कि मतदान करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है और यह एक विशेष अनुभव होता है।
मतदान में गड़बड़ी के आरोप
सुप्रियो ने स्वीकार किया कि कई इलाकों से मतदान में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं, हालाँकि उन्होंने कहा कि उनके अपने क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उनके अनुसार, उनके इलाके में लगभग 90 प्रतिशत मतदान होने की बात सामने आ रही है, जो लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर मतदाताओं में डर का माहौल बनाया गया है।
बांग्लादेशी-रोहिंग्या का डर दिखाने का आरोप
TMC सांसद ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो नागरिक वोट नहीं डालते, उन्हें 'बांग्लादेशी' या 'रोहिंग्या' कहे जाने का भय दिखाया जा रहा है। सुप्रियो के अनुसार यह प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा भी चर्चा में है।
मतदाता सूची पर सवाल
सुप्रियो ने मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को सूची से बाहर किए जाने से पहले उनकी पहचान ठीक से की जानी चाहिए थी। गौरतलब है कि केवल आरोप लगाने से स्थिति स्पष्ट नहीं होती — कुछ मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया गया है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
BJP के दावों पर TMC का पलटवार
BJP की 4 मई को सरकार बनाने की दावेदारी पर सुप्रियो ने कहा कि सभी दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन अंतिम निर्णय जनता के मत से ही होगा। उन्होंने कहा कि TMC सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ पहले से जमीन पर चल रही हैं, जबकि BJP के नए वादों की सच्चाई भी जल्द सामने आ जाएगी। 4 मई को परिणाम आने के बाद पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।