मिस्र में 5.5 तीव्रता का भूकंप, शर्म अल-शेख से काहिरा तक महसूस हुए झटके
सारांश
मुख्य बातें
मिस्र में सोमवार, 3 अगस्त की सुबह 5.5 तीव्रता के भूकंप ने शर्म अल-शेख के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को हिला दिया, जिसके झटके दूर राजधानी काहिरा तक महसूस किए गए। मिस्र के राष्ट्रीय खगोल विज्ञान और भूभौतिकी अनुसंधान संस्थान ने पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र स्थानीय समय के अनुसार रात करीब 3:00 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर था। अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
भूकंप का केंद्र और तकनीकी विवरण
संस्थान के अनुसार, भूकंप का उपकेंद्र 30.19 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 32.61 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। 10 किमी की उथली गहराई के कारण झटके व्यापक क्षेत्र में अनुभव किए गए। संस्थान ने कहा कि उन्हें कई स्थानों से लोगों के झटके महसूस करने की रिपोर्टें प्राप्त हुईं।
सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया
भूकंप के तुरंत बाद मिस्र के स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री खालिद अब्देल-गफ्फार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकालीन योजना को सक्रिय करने और मंत्रालय के केंद्रीय संकट एवं आपातकालीन अभियान कक्ष को तुरंत बुलाने के आदेश दिए। देश भर के अस्पतालों के आपातकालीन और गहन चिकित्सा विभागों को सर्वोच्च अलर्ट पर रखा गया तथा एम्बुलेंस और त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है और भूकंप से जुड़े किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
रेड क्रिसेंट की सक्रियता
मिस्र के रेड क्रिसेंट ने भी उन सभी शहरों में आपातकालीन योजनाएँ सक्रिय कर दीं जहाँ भूकंप के झटके अनुभव किए गए। संगठन ने पुष्टि की कि उसे किसी के मरने या संपत्ति के नुकसान की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
मिस्र की भूकंपीय स्थिति: पृष्ठभूमि
मिस्र भूगर्भीय रूप से एक संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। स्वेज खाड़ी, लाल सागर और अकाबा खाड़ी के आसपास सक्रिय टेक्टोनिक ज़ोन की उपस्थिति के कारण यहाँ समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। भूमध्य सागर क्षेत्र में अफ्रीकी प्लेट के यूरेशियाई प्लेट के नीचे खिसकने की प्रक्रिया उत्तरी मिस्र में हल्की से मध्यम भूकंपीय गतिविधि का प्रमुख कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में अधिकांश भूकंपों में जान-माल का नुकसान न्यूनतम रहता है।
आगे की स्थिति
फिलहाल अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। स्वास्थ्य मंत्रालय और रेड क्रिसेंट की टीमें निगरानी में लगी हैं। किसी भी बड़े आफ्टरशॉक की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया के लिए तंत्र तैयार रखा गया है।