क्या वाजपेयी की भाजपा होती तो पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलती? : आदित्य ठाकरे

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क्या वाजपेयी की भाजपा होती तो पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलती? : आदित्य ठाकरे

सारांश

आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर हमला बोला है, यदि वाजपेयी की भाजपा होती तो पाकिस्तान के साथ मैच का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और वोट चोरी के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी है। क्या सच्चाई है? जानें इस लेख में।

Key Takeaways

  • आदित्य ठाकरे का भाजपा पर हमला
  • पाकिस्तान के साथ मैच का विरोध
  • ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
  • घोटालों का मुद्दा उठाना
  • वोट चोरी का मुद्दा सभी के लिए महत्वपूर्ण है

मुंबई, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को एक हाईवोल्टेज मैच का आयोजन होने जा रहा है। इस मैच के आयोजन को लेकर विपक्ष लगातार आलोचना कर रहा है। इसी क्रम में शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधा है।

आदित्य ठाकरे ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर असली भाजपा आज सत्ता में होती तो पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलती। अगर अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा होती, या लालकृष्ण आडवाणी, गोपीनाथ मुंडे, प्रमोद महाजन, सुषमा स्वराज, या अरुण जेटली की भाजपा होती तो पाकिस्तान के साथ मैच खेलने का निर्णय नहीं लेती।

उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कहा कि वह बिहार चुनाव में इसका जिक्र करेंगे। क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम लेते हुए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलेगा? हम इस मैच का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमारे देश के हिंदू भाइयों को मारा था। एक तरफ हम दुनिया भर में 'ऑपरेशन सिंदूर' की गाथा के लिए डेलिगेशन भेजते हैं तो दूसरी तरफ हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का निर्णय लेते हैं।

आदित्य ठाकरे ने आगे कहा कि पिछले दो सालों में एकनाथ शिंदे ने जिस प्रकार से मुंबई को लूटा है, वह आपकी आंखों के सामने है। मैंने शिंदे के घोटालों को उजागर किया था। पहले साल उन्होंने 6000 करोड़ का घोटाला किया था और दूसरे साल 6800 करोड़ रुपए का। मैं जो कह रहा था, वे सभी बातें आज सच साबित हो रही हैं। पूरे मुंबई में गड्ढों का राज है। महाराष्ट्र के नेशनल हाईवे हों या स्टेट हाईवे, सभी की स्थिति खराब है।

उन्होंने 'वोट चोरी' पर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं है। इसका सीधा जुड़ाव आम आदमी से है। अगर आपका वोट चोरी हो जाएगा तो आपके मताधिकार का कोई मतलब नहीं रहेगा। आप सत्ता में हों या विपक्ष में, 'वोट चोरी' का मुद्दा सभी के लिए नुकसानदेह है।

Point of View

बल्कि यह एक राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण का भी हिस्सा है। ऐसे में हमें सोचने की जरूरत है कि क्या हम अपनी राष्ट्रीयता को खेल की भावना से ऊपर रखते हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि वाजपेयी की भाजपा होती, तो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेला जाता।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान है, जिसका जिक्र ठाकरे ने पाकिस्तान के साथ मैच के विरोध में किया।
आदित्य ठाकरे ने किस मुद्दे पर बात की?
उन्होंने गड्ढों, घोटालों और वोट चोरी के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।