आकाशवाणी पर 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण, सुबह की शुरुआत में नया बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- आकाशवाणी अब सुबह के प्रसारण में 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण प्रस्तुत करेगा।
- नया संस्करण 26 मार्च, 2026 से लागू होगा।
- इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी।
- प्रसिद्ध पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा गाया गया है।
- क्षेत्रीय संस्करणों में स्थानीय संगीत का समावेश होगा।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) की सुबह की शुरुआत अब एक नई दिशा में होगी। आकाशवाणी अब सुबह के अपने प्रसारण में 'वंदे मातरम' के दो छंदों के स्थान पर पूर्ण संस्करण का प्रसारण करेगा।
स्वतंत्रता के बाद से आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रसिद्ध धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' का दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता था। लेकिन, अब 26 मार्च से यह परंपरा बदलने जा रही है। आकाशवाणी के सभी स्टेशनों में इस दिन से नए संस्करण के प्रसारण की शुरुआत होगी।
गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी, 2026 को जारी किए गए छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से नए संस्करण का प्रसारण किया जाएगा। इस नए संस्करण की कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी।
इस नए संस्करण को प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे ने राग देश में गाया है। उनके स्वर में हर शब्द, हर भावना मातृभूमि के प्रति देशभक्ति से भरी हुई है। जो लोग अब तक केवल छोटे संस्करण से परिचित थे, उनके लिए यह पूरा गीत सुनना एक नया अनुभव होगा।
इसी के साथ, राष्ट्रीय गीत के विभिन्न क्षेत्रीय संस्करण भी रिकॉर्ड किए जाएंगे। इन संस्करणों में स्थानीय संगीत वाद्ययंत्रों और शास्त्रीय सुरों का समावेश किया जाएगा, ताकि हर राज्य के लोग अपने संगीत और भाषा के अंदाज में इस गीत का आनंद ले सकें। इस प्रकार भारत की सांगीतिक विविधता और स्थानीय परंपराओं को भी मान्यता मिलेगी।
इसका तात्पर्य यह है कि आकाशवाणी के श्रोता अब गुरुवार से सुबह के प्रसारण की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का पूर्ण संस्करण सुन सकेंगें। यह अब केवल हिंदी या किसी एक शैली में सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय संगीत और स्थानीय सुरों में भी 'वंदे मातरम' का प्रसारण किया जाएगा।