मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य: विहिप के विनोद बंसल बोले — बच्चों में जागेगी राष्ट्रीयता की भावना

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मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य: विहिप के विनोद बंसल बोले — बच्चों में जागेगी राष्ट्रीयता की भावना

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य कर दिया है। विहिप के विनोद बंसल ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस बंगाल की धरती पर यह गीत जन्मा, वहाँ 75 साल बाद इसे उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य करने का फैसला किया।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बच्चों में राष्ट्रीयता जागृत करने वाला कदम बताया।
बंसल के अनुसार, पहले यह आदेश सरकारी स्कूलों के लिए था, अब मदरसों में भी लागू होगा — यह एक चरणबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है।
बंसल ने कहा कि वंदे मातरम का जन्म बंगाल में हुआ था, लेकिन 75 वर्षों से यह वहाँ 'बंधन में' था।
उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के विरोध पर चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू भावनाओं को चुनौती देने के 'परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं।'

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य करने का फैसला किया है, जिसे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 21 मई को स्वागतयोग्य बताया। बंसल ने कहा कि इस निर्णय से बंगाल के बच्चों में राष्ट्रीयता का भाव जागृत होगा और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति लगाव बढ़ेगा।

मुख्य घटनाक्रम

बंसल ने कहा कि यह निर्णय चरणबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है — पहले सरकारी स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य किया गया था, और अब मदरसों में भी इसे लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अब मदरसों में भी सभी बच्चे अपने दिन की शुरुआत वंदे मातरम गाकर करेंगे।' उन्होंने इन कदमों के लिए सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना की।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ

बंसल ने इस फैसले को ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, 'वंदे मातरम' का जन्म बंगाल की धरती पर हुआ था, लेकिन कथित तौर पर पिछले 75 वर्षों से यह गीत उसी भूमि पर 'बंधन में' था। उन्होंने कहा कि बच्चे उस राष्ट्रीय ऊर्जा के साथ दिन की शुरुआत करेंगे जिसका सृजन उनके पूर्वजों ने किया था। गौरतलब है कि वंदे मातरम को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने बंगाल में ही रचा था और यह भारत का राष्ट्रीय गीत है।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विरोध — बंसल की तीखी प्रतिक्रिया

बंसल ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के कुछ मुसलमानों के विरोध पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बकरीद के नजदीक आते ही कुछ तत्व हिंदू समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने लगते हैं। उन्होंने कहा, 'हम इन लोगों को बहुत ही साफ और सीधे शब्दों में चेतावनी दे रहे हैं — हिंदू समुदाय की भावनाओं, इस देश की संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव तथा गौ माता के प्रति सम्मान को चुनौती देने की हिम्मत न करें। इसके परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं।'

आगे क्या

पश्चिम बंगाल में मदरसों में वंदे मातरम की अनिवार्यता का यह फैसला राज्य की शिक्षा नीति में एक उल्लेखनीय बदलाव है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इसे किस प्रकार लागू करती है और इस पर विभिन्न समुदायों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले सरकारी स्कूलों और अब मदरसों तक विस्तारित हो रहा है। विहिप जैसे संगठनों का इसे तत्काल समर्थन बताता है कि यह निर्णय व्यापक हिंदुत्व राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप है। हालाँकि, मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल अक्सर छोड़ देती है कि क्या मदरसा प्रशासन और अल्पसंख्यक समुदाय इस बदलाव को स्वैच्छिक राष्ट्रीय भावना के रूप में देखते हैं या थोपे गए दायित्व के रूप में। बंसल की गाय-विरोध पर 'गंभीर परिणाम' वाली चेतावनी भी ध्यान देने योग्य है — यह बयान सामाजिक तनाव के संदर्भ में सावधानी से पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल के मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने का फैसला क्या है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मदरसों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले यह आदेश सरकारी स्कूलों पर लागू था, और अब इसे मदरसों तक विस्तारित किया गया है।
विहिप ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे बच्चों में राष्ट्रीयता तथा सांस्कृतिक लगाव जागृत करने वाला कदम बताया। उन्होंने इसके लिए सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना की।
विनोद बंसल ने 'वंदे मातरम' को ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों बताया?
'वंदे मातरम' की रचना बंगाल में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह भारत का राष्ट्रीय गीत है। बंसल ने कहा कि जिस धरती पर इस गीत का जन्म हुआ, वहाँ 75 वर्षों से यह 'बंधन में' था, इसलिए यह फैसला बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के विरोध पर बंसल ने क्या कहा?
बंसल ने इस विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि हिंदू समुदाय की भावनाओं, राष्ट्रीय गौरव और गौ माता के प्रति सम्मान को चुनौती देने के 'परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं।' उन्होंने कहा कि बकरीद के नजदीक कुछ तत्व हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं।
क्या पश्चिम बंगाल के सभी मदरसों में यह नियम लागू होगा?
बंसल के बयान के अनुसार, राज्य सरकार के इस आदेश के तहत मदरसों में सभी बच्चे प्रतिदिन वंदे मातरम गाकर दिन की शुरुआत करेंगे। हालाँकि, इसके विस्तृत क्रियान्वयन की आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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