क्या आम बजट 2026-27 में व्यापार में आसानी और महिलाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- व्यापार में आसानी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- महिलाओं के लिए नई योजनाएं लाने की उम्मीद है।
- टैक्स स्लैब में संशोधन की संभावना।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम बजट की घोषणा में अब दो हफ्ते से भी कम का समय रह गया है। इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में सरकार को व्यापार में आसानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि व्यापारियों के लिए अपना कारोबार करना पहले की तुलना में सरल हो सके।
टैक्स विशेषज्ञ मनमोहन श्रीवास्तव काजू ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सरकार ने पिछले बजट में आयकर में छूट को बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दिया था, जिससे आम जनता को काफी राहत मिली है। इसके साथ ही, जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स स्लैब को घटाकर दो कर दिया गया है।
उन्होंने सुझाव दिया कि आम बजट 2026-27 में सरकार को व्यापार में आसानी को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने चाहिए। वर्तमान में, व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उदाहरण के तौर पर, जीएसटी पोर्टल पर नोटिस मिलने के कारण कई लोग नियमित रूप से इसे चेक नहीं कर पाते, जिससे उन्हें कभी-कभी अधिक टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। इसलिए, फिजिकल पत्राचार को पुनः प्रारंभ करना आवश्यक है।
जेनाब ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि सरकार को इस बजट में महिलाओं के लिए सभी क्षेत्रों, विशेषकर मेडिकल, में अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए और ऐसी योजनाएं लानी चाहिए, जो उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें।
आम बजट 2026-27 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को संसद में पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। यदि वे वित्त वर्ष 2028 का बजट भी प्रस्तुत करती हैं, तो वे दिवंगत मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी।