सचिन पायलट का AAP पर हमला: 'पंजाब में 2 वर्षों में 395 को गोली मारी, नशे और अराजकता में डूबा राज्य'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने 2 नवंबर 2026 को संगरूर में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब को नशे की लत के गहरे संकट और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की दलदल में धकेल दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में 395 निर्दोष लोगों को गोली मारी जा चुकी है और पुलिस पर से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ गया है।
मुख्य आरोप और आँकड़े
पायलट ने कहा कि AAP के सत्ता में आने के बाद से पंजाब में हत्याएं और खून-खराबा आम बात हो गई हैं। उनके अनुसार, 'पिछले दो वर्षों में 395 निर्दोष लोगों को गोली मार दी गई है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के इशारों पर काम कर रही है, जिसके कारण आम नागरिकों का प्रशासन में विश्वास खत्म होता जा रहा है।
गौरतलब है कि यह बयान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे से ठीक पहले आया है, जो 4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' को संबोधित करने वाले हैं।
इंसाफ रैली: क्या है एजेंडा
पायलट ने बताया कि 4 नवंबर को संगरूर में आयोजित होने वाली 'इंसाफ रैली' में पंजाब भर से कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम जनता शामिल होगी। रैली में नशे की लत, हिंसा और न्याय जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह रैली 'पंजाब को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों की शुरुआत होगी।' पायलट ने राहुल गांधी की यात्रा को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठन को मज़बूत करने और जनाधार विस्तार का अहम अवसर बताया।
AAP में दलबदल पर निशाना
कांग्रेस नेता ने AAP से प्रमुख नेताओं और राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने की खबरों का भी हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यह दलबदल AAP के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और वादों को पूरा करने में विफलता को दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में विपक्षी दल AAP सरकार पर लगातार हमलावर हैं और कांग्रेस अगले चुनावों की तैयारी में जुटी है।
आगे की राह
पायलट के अनुसार, कांग्रेस पार्टी पूरे जोश के साथ एकजुट होकर जनता तक यह संदेश पहुँचाने में लगी है कि वह आगामी चुनाव जीतेगी और राज्य की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। राहुल गांधी की 4 नवंबर की रैली को पार्टी अपने अभियान का निर्णायक पड़ाव मान रही है, जो पंजाब में चुनावी माहौल को नई दिशा दे सकती है।