29 अक्टूबर 2026
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संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली': परगट सिंह बोले — पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी

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संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली': परगट सिंह बोले — पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी

सारांश

पंजाब कांग्रेस का दांव — 4 नवंबर को संगरूर में 'इंसाफ रैली'। परगट सिंह का वादा: सवा लाख लोग, पौने पांच साल का हिसाब, और AAP सरकार से सीधा सवाल — कब मिलेगा पंजाब को इंसाफ? मजीठिया के खिलाफ 40,000 पन्नों की चार्जशीट से सियासी पारा और चढ़ा।

मुख्य बातें

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने 4 नवंबर 2026 को संगरूर में 'इंसाफ रैली' आयोजित करने की घोषणा की।
रैली का मुख्य एजेंडा: AAP सरकार से पौने पांच साल के शासन का हिसाब, कानून-व्यवस्था, ड्रग्स और किसान संकट पर जवाब।
परगट सिंह ने सवा लाख से अधिक लोगों के रैली में शामिल होने का दावा किया।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली अदालत में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 40,000 पृष्ठों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
मजीठिया पर आय से अधिक संपत्ति और कथित ड्रग मनी के आरोप हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा — पुलिस और सरकार दोनों पर से लोगों का भरोसा उठ गया है ।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि 4 नवंबर को संगरूर में आयोजित होने वाली 'इंसाफ रैली' का मुख्य उद्देश्य आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से पंजाब को पौने पांच साल के शासन का हिसाब माँगना है। उन्होंने साफ किया कि कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, किसानों की समस्याओं और खाद की किल्लत जैसे अनसुलझे मुद्दों को इस रैली के मंच से उठाया जाएगा।

रैली के मुद्दे और उद्देश्य

परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में आज कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और किसानों की दुर्दशा — तीनों मोर्चों पर हालात बदतर हुए हैं। उन्होंने कहा, 'रैली का नाम इंसाफ रैली है। आज जो कानून-व्यवस्था की समस्या है, जो ड्रग्स की समस्या है, जो किसान झेल रहे हैं, आज खरीद भी बंद कर दी गई है और आने वाले समय में खाद की भी समस्या आने वाली है, क्योंकि ये तो केवल चुटकुले सुनाते हैं। ये सारे मुद्दे हम उस रैली के ज़रिए लोगों के सामने रखेंगे।'

उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकारों की टैगलाइन चलाना बंद किया जाए और असली मुद्दों को उठाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस से कोई गलती हो तो उसे भी बताया जाए, पार्टी उसे सुधारने को तैयार है।

सवा लाख लोगों के आने की उम्मीद

परगट सिंह ने दावा किया कि सवा लाख से अधिक लोग इस रैली में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि रैली के समय-कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि इतनी बड़ी भीड़ के बीच कोई अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा, 'जब इतने लोग आते हैं तो हर चीज़ समय के हिसाब से होनी चाहिए।'

पराली और किसान संकट पर रुख

पराली जलाने के मसले पर परगट सिंह ने कहा कि वे प्रदूषण के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन किसानों की मदद किए बिना इस समस्या का हल नहीं निकलेगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हर बार धान के सीजन में सरकार दावा करती है कि पराली प्रबंधन पूरा हो गया, 'मगर यह प्रबंधन आखिर बाद में कहाँ चला जाता है, यह समझ नहीं आता।'

मजीठिया के खिलाफ 40,000 पन्नों की चार्जशीट

इस बीच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली की अदालत में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और कथित ड्रग मनी मामले में लगभग 40,000 पृष्ठों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। यह घटनाक्रम पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

परगट सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समस्याओं को कालीन के नीचे दबाने से कोई समाधान नहीं निकलता — जड़ तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि आज पुलिस और सरकार दोनों पर से लोगों का भरोसा उठ गया है, और जब भरोसा न हो तो पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, जनता उस पर विश्वास नहीं करती।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटी है। 4 नवंबर की संगरूर रैली को पार्टी अपनी ज़मीनी ताकत परखने और AAP सरकार को घेरने का बड़ा अवसर मान रही है। गौरतलब है कि संगरूर सीट राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले चुनाव में AAP की लहर में बह गई थी। विडंबना यह है कि पंजाब में ड्रग्स और कानून-व्यवस्था वही मुद्दे हैं जो 2022 में AAP को सत्ता में लाए थे — अब कांग्रेस उन्हीं मुद्दों पर AAP को घेर रही है। मजीठिया चार्जशीट का टाइमिंग उल्लेखनीय है: रैली से ठीक पहले 40,000 पन्नों का आरोपपत्र, जो कांग्रेस को SAD विरोधी मतदाताओं के बीच नैरेटिव बनाने का मौका देता है। असली सवाल यह है कि क्या यह रैली जनभावना में बदलाव का संकेत है या चुनावी मैराथन की एक और शुरुआती दौड़।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' क्या है और यह कब होगी?
'इंसाफ रैली' पंजाब कांग्रेस द्वारा 4 नवंबर 2026 को संगरूर में आयोजित की जाने वाली बड़ी राजनीतिक सभा है। इसका मकसद AAP सरकार से कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, किसान संकट और खाद की किल्लत जैसे मुद्दों पर पौने पांच साल का जवाब माँगना है।
परगट सिंह रैली में किन मुद्दों को उठाएंगे?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के अनुसार रैली में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, नशे की समस्या, किसानों की फसल खरीद बंद होना और आगामी खाद संकट जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। वे पंजाब सरकार पर इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ क्या चार्जशीट दाखिल हुई है?
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली की अदालत में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और कथित ड्रग मनी मामले में लगभग 40,000 पृष्ठों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। यह इस मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम है।
कांग्रेस का पंजाब सरकार पर मुख्य आरोप क्या है?
परगट सिंह का कहना है कि AAP सरकार समस्याओं को 'कालीन के नीचे दबाती' है और जड़ तक नहीं जाती। उनके अनुसार आज पुलिस और सरकार दोनों पर से आम जनता का भरोसा उठ चुका है।
रैली में कितने लोगों के आने की उम्मीद है?
परगट सिंह ने दावा किया है कि संगरूर की 'इंसाफ रैली' में कम से कम सवा लाख लोग शामिल होंगे। रैली के समय-कार्यक्रम को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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