अभिजीत दिपके को पीस बॉन्ड पर जमानत, 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के बाद हुई थी हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को 17 अक्टूबर 2026 को पीस बॉन्ड, यानी शांति बनाए रखने की शर्त पर जमानत दे दी गई। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, दिपके को एहतियाती हिरासत में लिए जाने के बाद कुछ शर्तों के साथ रिहा किया गया। यह घटनाक्रम उनके द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन के आह्वान से जुड़ा है।
हिरासत का घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिपके को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी — शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से निकलने के तुरंत बाद एहतियाती हिरासत में लिया। हिरासत के वक्त एक पुलिस अधिकारी ने दिपके को सूचित किया कि कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है और इसी के अंतर्गत उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले CJP ने सोशल मीडिया के ज़रिए शाम पाँच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील की थी, लेकिन इस प्रदर्शन के लिए कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस का नोटिस और कानूनी आधार
प्रस्तावित प्रदर्शन से पूर्व ही दिल्ली पुलिस ने दिपके को औपचारिक नोटिस जारी किया था। नोटिस में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया था कि कनॉट प्लेस में बिना अनुमति भीड़ जुटने से यातायात, कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
पुलिस ने यह भी रेखांकित किया कि कनॉट प्लेस एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, बैंक और कार्यालय हैं — और किसी भी अनधिकृत जमावड़े से व्यापारियों तथा उनके कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का ज़िक्र
नोटिस में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का विशेष उल्लेख किया गया था, जो ब्लू और येलो लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख स्टेशन है और जहाँ से प्रतिदिन लगभग दो लाख यात्री सफर करते हैं। पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त भीड़ से यातायात जाम, अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थितियाँ पैदा हो सकती थीं।
कानूनी प्रतिबंध और दिपके को निर्देश
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इनका उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
दिपके को निर्देश दिया गया था कि वे कनॉट प्लेस के आसपास किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित न करें और लाउडस्पीकर का उपयोग न करें। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया था कि कनॉट प्लेस एक अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है और किसी अन्य निर्धारित स्थान पर भी प्रदर्शन से पहले कानूनी अनुमति अनिवार्य है।
आगे की स्थिति
पीस बॉन्ड पर जमानत मिलने के बाद दिपके की आगामी गतिविधियों पर नज़र रहेगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि CJP अपने विरोध प्रदर्शन की माँगों को आगे किस रूप में उठाती है — और क्या भविष्य में कानूनी अनुमति लेकर कोई वैकल्पिक स्थल पर प्रदर्शन का प्रयास किया जाता है।