दिल्ली पुलिस ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया, शनिवार को अदालत में होंगे पेश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार कर लिया। दिपके को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित सीजेपी की 'लहरा दो तिरंगा' रैली के दौरान हिरासत में लिया गया। उन्हें शनिवार को एसईएम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि 'अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें एसईएम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। उनकी लोकेशन अभी पता नहीं है और वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है।' यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सीजेपी के दो सह-संयोजकों — सौरव दास और आशुतोष रांका — को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था।
एक हफ्ते में दूसरी हिरासत
गौरतलब है कि अभिजीत दिपके के लिए यह एक सप्ताह में दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पूर्व उन्हें मुंबई से नई दिल्ली पहुँचने के तुरंत बाद हिरासत में लिया गया था। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जो 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर था। यह ऐसे समय में आया है जब सीजेपी और दिल्ली पुलिस के बीच विरोध प्रदर्शनों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
पुलिस नोटिस और कानूनी आधार
रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने दिपके को एक नोटिस भेजा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि कनॉट प्लेस विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थान नहीं है और नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रस्तावित 'तिरंगा यात्रा' के लिए अनुमति नहीं दी है। यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी किया गया था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि मार्च निकालना या भीड़ इकट्ठा करना इलाके में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन होगा।
दिपके का पक्ष
अपने आवास पर पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान दिपके ने अपनी हिरासत के आधार पर सवाल उठाते हुए पूछा, 'आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगाया है?' जब उन्हें बताया गया कि वह नई दिल्ली नहीं जा सकते, तो उन्होंने कहा कि वह कहीं और जा सकते हैं और पूछा कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।
पुलिस का स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालना और पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए भीड़ इकट्ठा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। दिपके को ध्वज संहिता (फ्लैग कोड) के नियमों के बारे में भी याद दिलाया गया। यह मामला अब अदालत में जाएगा, जहाँ शनिवार को दिपके की पेशी से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।