17 अक्टूबर 2026
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'लहरा दो तिरंगा' अभियान: कनॉट प्लेस में नागरिक जुटे, संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में

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'लहरा दो तिरंगा' अभियान: कनॉट प्लेस में नागरिक जुटे, संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में

सारांश

16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'कॉकरोच जनता पार्टी' का 'लहरा दो तिरंगा' अभियान तब भी जारी रहा जब संस्थापक अभिजीत दिपके को कथित तौर पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी ने दिपके की रिहाई और चुनाव सुधार की माँग उठाई।

मुख्य बातें

'कॉकरोच जनता पार्टी' ने 16 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' अभियान आयोजित किया।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को कथित तौर पर कार्यक्रम से पहले उनके आवास से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
पार्टी का आरोप — हिरासत के घंटों बाद भी परिवार और कानूनी टीम को दिपके के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई।
आइशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी कथित तौर पर हिरासत में हैं; उनके एक्स हैंडल से वकीलों को मिलने न देने का आरोप लगाया गया।
पार्टी ने तीन माँगें रखीं — दिपके के ठिकाने का खुलासा, तत्काल रिहाई और चुनाव प्रणाली में सुधार ।
सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई; दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं।

नई दिल्ली में 16 अक्टूबर 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'लहरा दो तिरंगा' अभियान के तहत कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्यक्रम तब भी संपन्न हुआ जब पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके को कथित तौर पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

अभियान का घटनाक्रम

पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अभिजीत दिपके को कार्यक्रम स्थल पर रवाना होने से पूर्व उनके आवास से उस समय हिरासत में लिया गया जब वे टहल रहे थे। विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि 'हिरासत के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने उनके परिवार और कानूनी टीम को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी।' इसके बावजूद पार्टी का दावा है कि नागरिक बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और उन्होंने 'गर्व व साहस के साथ' राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

पुलिस पर गंभीर आरोप

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पास वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं जिनमें तिरंगा थामे युवाओं, छात्रों और शांतिपूर्ण नागरिकों के साथ पुलिस का कथित कठोर व्यवहार दर्ज है। पार्टी ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — दिपके के ठिकाने का खुलासा किया जाए, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए, और चुनाव प्रणाली में सुधार लागू किए जाएँ।

नेहा बोरा की हिरासत का मामला भी उठा

इस बीच आइशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा से संबंधित एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। नेहा बोरा के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से शेयर की गई पोस्ट में दावा किया गया कि दिल्ली पुलिस ने उनकी रिहाई की माँग कर रहे वकीलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें 'काली खिड़कियों वाली कार' में बिठाकर शीघ्रता से ले जाया गया और अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

पार्टी की व्यापक माँग

पार्टी ने इस विरोध-प्रदर्शन को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज, नियुक्तियों और आचरण में सुधार की माँग से जोड़ा है। पार्टी का कहना है, 'आज का यह जमावड़ा इस बात का सबूत है कि नेताओं की गिरफ्तारी जनता को सड़कों पर उतरने से नहीं रोक सकती।' गौरतलब है कि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस घटना के दो पहलू ध्यान देने योग्य हैं — पहला, राष्ट्रीय ध्वज फहराने जैसे प्रतीकात्मक और स्पष्ट रूप से शांतिपूर्ण अभियान से पहले ही संस्थापक की कथित हिरासत, और दूसरा, हिरासत में लिए गए व्यक्ति के ठिकाने की जानकारी परिवार व वकीलों को न देने का आरोप। यदि ये दावे सत्य हैं, तो यह नागरिक स्वतंत्रता और कानूनी प्रक्रिया के बारे में गंभीर प्रश्न उठाता है। मुख्यधारा की मीडिया अक्सर इस तरह के छोटे संगठनों की कवरेज नज़रअंदाज़ करती है, किंतु प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता का सवाल दल के आकार से परे जाता है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लहरा दो तिरंगा' अभियान क्या था?
यह 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित एक प्रदर्शन था, जिसमें नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। पार्टी ने इसे चुनाव प्रणाली में सुधार की माँग से जोड़ा।
अभिजीत दिपके को हिरासत में क्यों लिया गया?
इसकी आधिकारिक वजह दिल्ली पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। पार्टी के अनुसार, उन्हें कार्यक्रम स्थल पर जाने से पहले उनके आवास से हिरासत में लिया गया। स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नेहा बोरा कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
नेहा बोरा 'आइशा' संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताई जाती हैं। उनके एक्स हैंडल से प्रसारित पोस्ट के अनुसार, वे भी कथित तौर पर हिरासत में हैं और उन्हें वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
पार्टी की प्रमुख माँगें क्या हैं?
पार्टी ने तीन माँगें रखी हैं — अभिजीत दिपके के ठिकाने का खुलासा, उनकी तत्काल रिहाई, और भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज व नियुक्तियों में व्यापक सुधार।
दिल्ली पुलिस की इस मामले में क्या प्रतिक्रिया है?
अभी तक दिल्ली पुलिस की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने रिहाई की माँग कर रहे वकीलों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से भी इनकार किया।
राष्ट्र प्रेस
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