अधीर रंजन चौधरी ने PM मोदी को लिखा पत्र, मुर्शिदाबाद के लिए हवाई अड्डा, रेलवे फैक्ट्री और कटाव रोकथाम की मांग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से जुड़ी कई अहम विकास परियोजनाओं पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। 12 मई 2026 को लिखे इस पत्र में उन्होंने हवाई अड्डे की स्थापना, रेलवे कोच फैक्ट्री, नदी कटाव रोकथाम, जूट क्षेत्र के आधुनिकीकरण, कौशल विकास केंद्र और पर्यटन संवर्धन जैसे छह प्रमुख मुद्दे उठाए हैं। चौधरी ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ राज्य के नागरिकों को विकास और प्रगति की बड़ी उम्मीदें हैं।
हवाई अड्डा और रेलवे कोच फैक्ट्री की माँग
अधीर रंजन चौधरी ने पत्र में कहा कि उन्होंने लोकसभा में मुर्शिदाबाद जिले में हवाई अड्डे की स्थापना का मुद्दा बार-बार उठाया है। उनके अनुसार, यह अवसंरचना परियोजना कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसरों को बेहतर बनाकर जिले और आसपास के क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि रेल राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेल मंत्रालय और भारतीय इस्पात प्राधिकरण (SAIL) के साथ मिलकर बरहामपुर में एक रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित करने की परियोजना शुरू की थी। उनका कहना है कि इस प्रस्तावित परियोजना में मुर्शिदाबाद के बेरोज़गार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन की क्षमता है।
गंगा-पद्मा कटाव: भूगोल बदल रहा है
पत्र में सबसे गंभीर मुद्दे के रूप में गंगा-पद्मा नदी प्रणाली के कारण हो रहे भीषण कटाव को रेखांकित किया गया है। चौधरी के अनुसार, मुर्शिदाबाद से सटी पद्मा नदी के 60 किलोमीटर लंबे हिस्से — विशेष रूप से समसेरगंज ब्लॉक में — कटाव का व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है।
उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, 2014 से 2024 के बीच समसेरगंज क्षेत्र में बाएँ किनारे पर लगभग 1.044 वर्ग किलोमीटर और दाएँ किनारे पर 4.635 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का कटाव हो चुका है। यह स्थिति गाँवों, कृषि भूमि और घरों को लगातार नष्ट कर रही है तथा हज़ारों परिवारों को भारी पीड़ा पहुँचा रही है। चौधरी ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी चर्चा की है।
जूट उद्योग और कौशल विकास की दरकार
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुर्शिदाबाद देश में प्राकृतिक रेशे जूट के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। चौधरी ने प्रधानमंत्री से जूट क्षेत्र के विकास और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है, जिससे किसानों, श्रमिकों और लघु उद्योगों को सीधा लाभ पहुँचेगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिले में एक कौशल विकास केंद्र की स्थापना की माँग की है। उनका तर्क है कि मुर्शिदाबाद प्रवासी श्रमिकों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जिनमें से अधिकांश अकुशल या अर्ध-कुशल हैं। एक प्रशिक्षण संस्थान इन श्रमिकों को प्रमाणित कौशल दिलाकर देशभर में बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।
पर्यटन क्षमता और आगे की राह
चौधरी ने यह भी रेखांकित किया कि मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में इतिहास और विरासत के केंद्र के रूप में जाना जाता है। सरकारी प्रोत्साहन और निवेश से यहाँ की पर्यटन क्षमता का व्यापक विकास किया जा सकता है, जिससे स्थानीय रोज़गार सृजन और अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी।
उन्होंने पत्र के अंत में लिखा कि यदि सरकार उपरोक्त मुद्दों पर आवश्यक कदम उठाती है, तो इसका मुर्शिदाबाद के नागरिकों और जिले के समग्र विकास पर महत्वपूर्ण और स्थायी प्रभाव पड़ेगा। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय इन माँगों पर कितनी त्वरित प्रतिक्रिया देता है।