8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद: वक्फ भूमि विवाद में तेलंगाना HC के वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की SUV से कुचलकर हत्या

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद: वक्फ भूमि विवाद में तेलंगाना HC के वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की SUV से कुचलकर हत्या

सारांश

हैदराबाद के मसाब टैंक में वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइजुद्दीन को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया — पुलिस इसे वक्फ भूमि विवाद से जुड़ी सुनियोजित हत्या मान रही है। बेटे का दावा है कि पहले भी पाँच बार हमला हुआ और 'अंतिम चेतावनी' दी गई थी।

मुख्य बातें

तेलंगाना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइजुद्दीन की हैदराबाद के मसाब टैंक में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने प्रारंभिक हिट-एंड-रन की थ्योरी छोड़ते हुए इसे सुनियोजित लक्षित हत्या घोषित किया; तार वक्फ भूमि विवाद से जोड़े जा रहे हैं।
मृतक के पुत्र फरहान ने बताया कि पिता को पहले से धमकियाँ मिल रही थीं और अतीत में उन पर पाँच बार हमला हो चुका था।
पुलिस उपायुक्त रक्षिता कृष्ण मूर्ति के अनुसार मलकपेट क्षेत्र के वक्फ भूमि अतिक्रमण से जुड़े व्यक्तियों की संलिप्तता संभव है।
तेलंगाना HC अधिवक्ता संघ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हत्या की निंदा कर विशेष जाँच दल गठन की माँग की।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।

हैदराबाद के मसाब टैंक इलाके में शनिवार, 24 मई 2025 को तेलंगाना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइजुद्दीन की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस इसे एक सुनियोजित लक्षित हमला मान रही है, जिसके तार कथित तौर पर वक्फ भूमि विवादों से जुड़े हैं। मोइजुद्दीन लगभग 35 वर्षों से उच्च न्यायालय और नगर सिविल न्यायालय में वकालत कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, ख्वाजा मोइजुद्दीन अपने आवास के निकट अपनी कार में बैठने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर के बाद वाहन मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मोइजुद्दीन को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

प्रारंभ में पुलिस ने इसे हिट-एंड-रन की घटना माना, किंतु परिवार की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद मामले की प्रकृति बदल गई। जाँच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इसे हत्या का सुनियोजित मामला मानकर जाँच कर रही है।

वक्फ भूमि विवाद से संबंध

पुलिस उपायुक्त रक्षिता कृष्ण मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जाँच के अनुसार मलकपेट और हैदराबाद के अन्य क्षेत्रों में वक्फ भूमि अतिक्रमण से जुड़े विवादों में शामिल व्यक्तियों की इस हत्या में संलिप्तता हो सकती है।

मोइजुद्दीन के परिवार ने दो संदिग्धों का नाम पुलिस को सौंपा है, जिनका कथित तौर पर वक्फ भूमि से जुड़े उन कानूनी मामलों से संबंध है जिन्हें मृतक वकील संभाल रहे थे।

परिवार के गंभीर आरोप

मोइजुद्दीन के पुत्र फरहान, जो स्वयं भी अधिवक्ता हैं, ने बताया कि उनके पिता को उन दो व्यक्तियों से पहले से धमकियाँ मिल रही थीं जो कथित तौर पर वक्फ जमीनों पर अतिक्रमण में शामिल थे। फरहान ने यह भी दावा किया कि उनके पिता पर अतीत में पाँच बार हमला हो चुका था।

उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या में संदिग्ध एक व्यक्ति ने कुछ महीने पहले मोइजुद्दीन के कार्यालय में आकर उनके कानूनी मामलों के संदर्भ में 'अंतिम चेतावनी' दी थी। फरहान ने इन आरोपों को पुलिस के समक्ष दर्ज कराई शिकायत में भी शामिल किया है।

वकील समुदाय और नेताओं की प्रतिक्रिया

तेलंगाना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने इस हत्या की कड़ी निंदा की और माँग की कि पुलिस महानिदेशक तथा हैदराबाद पुलिस आयुक्त एक विशेष जाँच दल गठित करें, ताकि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जा सके।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष एवं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस हत्या की निंदा करते हुए 'इस बहादुर वकील' के हत्यारों और 'मुख्य साजिशकर्ताओं' की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।

जाँच की स्थिति और आगे की राह

पुलिस ने हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो एसयूवी का पता लगाने और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जाँच जारी है। यह मामला न केवल वकीलों की सुरक्षा बल्कि वक्फ भूमि विवादों से उत्पन्न हिंसा की गंभीर प्रवृत्ति को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हैदराबाद की यह घटना उस खतरनाक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है जिसमें कानूनी प्रक्रिया में शामिल लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है। न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता तभी बनी रहती है जब उसके अधिकारी — वकील, गवाह, न्यायाधीश — निर्भय होकर काम कर सकें। इस मामले में जवाबदेही केवल हत्यारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — उन तंत्रों की भी जाँच होनी चाहिए जिन्होंने बार-बार की धमकियों को नजरअंदाज किया।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की हत्या कैसे हुई?
मसाब टैंक इलाके में मोइजुद्दीन अपने आवास के पास कार में बैठने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी ने उन्हें पीछे से टक्कर मारी और फरार हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इस हत्या का वक्फ भूमि विवाद से क्या संबंध है?
पुलिस उपायुक्त रक्षिता कृष्ण मूर्ति के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में मलकपेट और हैदराबाद के अन्य क्षेत्रों में वक्फ भूमि अतिक्रमण से जुड़े व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है। मोइजुद्दीन इन्हीं विवादों से जुड़े कानूनी मामले संभाल रहे थे।
क्या मोइजुद्दीन को पहले भी धमकियाँ मिली थीं?
उनके पुत्र फरहान के अनुसार, उनके पिता को वक्फ जमीनों पर अतिक्रमण में कथित रूप से शामिल दो व्यक्तियों से लगातार धमकियाँ मिल रही थीं और अतीत में उन पर पाँच बार हमला हो चुका था। एक संदिग्ध ने कुछ महीने पहले उनके दफ्तर में आकर 'अंतिम चेतावनी' भी दी थी।
तेलंगाना HC अधिवक्ता संघ ने क्या माँग की है?
अधिवक्ता संघ ने पुलिस महानिदेशक और हैदराबाद पुलिस आयुक्त से विशेष जाँच दल गठित करने की माँग की है, ताकि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जा सके।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिवार की शिकायत के आधार पर मामले को हत्या में बदल दिया है। हत्या में इस्तेमाल स्कॉर्पियो एसयूवी का पता लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले