हैदराबाद: वक्फ भूमि विवाद में तेलंगाना HC के वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन की SUV से कुचलकर हत्या
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के मसाब टैंक इलाके में शनिवार, 24 मई 2025 को तेलंगाना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइजुद्दीन की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस इसे एक सुनियोजित लक्षित हमला मान रही है, जिसके तार कथित तौर पर वक्फ भूमि विवादों से जुड़े हैं। मोइजुद्दीन लगभग 35 वर्षों से उच्च न्यायालय और नगर सिविल न्यायालय में वकालत कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, ख्वाजा मोइजुद्दीन अपने आवास के निकट अपनी कार में बैठने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर के बाद वाहन मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मोइजुद्दीन को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
प्रारंभ में पुलिस ने इसे हिट-एंड-रन की घटना माना, किंतु परिवार की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद मामले की प्रकृति बदल गई। जाँच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इसे हत्या का सुनियोजित मामला मानकर जाँच कर रही है।
वक्फ भूमि विवाद से संबंध
पुलिस उपायुक्त रक्षिता कृष्ण मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जाँच के अनुसार मलकपेट और हैदराबाद के अन्य क्षेत्रों में वक्फ भूमि अतिक्रमण से जुड़े विवादों में शामिल व्यक्तियों की इस हत्या में संलिप्तता हो सकती है।
मोइजुद्दीन के परिवार ने दो संदिग्धों का नाम पुलिस को सौंपा है, जिनका कथित तौर पर वक्फ भूमि से जुड़े उन कानूनी मामलों से संबंध है जिन्हें मृतक वकील संभाल रहे थे।
परिवार के गंभीर आरोप
मोइजुद्दीन के पुत्र फरहान, जो स्वयं भी अधिवक्ता हैं, ने बताया कि उनके पिता को उन दो व्यक्तियों से पहले से धमकियाँ मिल रही थीं जो कथित तौर पर वक्फ जमीनों पर अतिक्रमण में शामिल थे। फरहान ने यह भी दावा किया कि उनके पिता पर अतीत में पाँच बार हमला हो चुका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या में संदिग्ध एक व्यक्ति ने कुछ महीने पहले मोइजुद्दीन के कार्यालय में आकर उनके कानूनी मामलों के संदर्भ में 'अंतिम चेतावनी' दी थी। फरहान ने इन आरोपों को पुलिस के समक्ष दर्ज कराई शिकायत में भी शामिल किया है।
वकील समुदाय और नेताओं की प्रतिक्रिया
तेलंगाना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने इस हत्या की कड़ी निंदा की और माँग की कि पुलिस महानिदेशक तथा हैदराबाद पुलिस आयुक्त एक विशेष जाँच दल गठित करें, ताकि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जा सके।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष एवं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस हत्या की निंदा करते हुए 'इस बहादुर वकील' के हत्यारों और 'मुख्य साजिशकर्ताओं' की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।
जाँच की स्थिति और आगे की राह
पुलिस ने हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो एसयूवी का पता लगाने और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जाँच जारी है। यह मामला न केवल वकीलों की सुरक्षा बल्कि वक्फ भूमि विवादों से उत्पन्न हिंसा की गंभीर प्रवृत्ति को भी रेखांकित करता है।