क्या आगरा में कैलाश मंदिर जलमग्न हुआ? प्रशासन क्यों है अलर्ट?
सारांश
मुख्य बातें
आगरा, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारी बारिश के चलते आगरा में यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। मथुरा के गोकुल बैराज से यमुना में 178,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड में है।
आगरा में प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। कैलाश महादेव मंदिर और कैलाश गांव में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, ताजमहल के पीछे दशहरा घाट पर ताज व्यू प्वाइंट पर पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है। आगरा शहर के हाथी घाट पर मुख्य मार्ग तक पानी पहुँच गया है। एहतियात के तौर पर आगरा शहर और देहात में चार फ्लड शेल्टर होम बनाए गए हैं।
कैलाश गांव बाढ़ की चपेट में है। कैलाश महादेव मंदिर, जो आगरा का एक प्रमुख आस्था का केंद्र है, वहां से करीब 20 परिवारों ने पलायन कर लिया है। कैलाश महादेव मंदिर के महंत निर्मल गिरि ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन ने गांव में एनडीआरएफ की टीम तैनात की है। इसके साथ ही गांव में कई बाढ़ राहत चौकी बनाई गई हैं। फिलहाल, गांव में बिजली बाधित की गई है ताकि कोई हादसा न हो।
महंत निर्मल गिरी ने कहा, "जिलाधिकारी समेत प्रशासन के कई अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर रहे हैं। इलाके में राहत कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जो लोग ज्यादा परेशानी में हैं, उन्हें प्रशासन से राहत सामग्री भी मिल रही है। एनडीआरएफ की टीम और पुलिस भी सेवा में लगी है। व्यवस्था बिल्कुल ठीक है, चिंता की कोई बात नहीं है।"
उन्होंने बताया, "कुछ परिवारों ने पलायन किया है, हमने भी अपने मकान खाली कर दिए हैं और इंतजार कर रहे हैं कि अगर पानी और बढ़ता है, तो घरों में ताले लगाकर जाएंगे। पानी लगातार बढ़ रहा है, जो कम नहीं हो रहा है।"