क्या अहमदाबाद में प्रधानमंत्री ने बच्चे को 'छोटा मोदी' कहकर संबोधित किया?

सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने एक बच्चे को 'छोटा मोदी' कहकर संबोधित किया।
- परीन ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील की।
- मोदी ने ५,४०० करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- गणेश उत्सव के दौरान विकास परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ।
- परीन का सपना आईएएस अधिकारी बनना है।
अहमदाबाद, २५ अगस्त (राष्ट्रीय प्रेस)। गुजरात के अहमदाबाद में एक शानदार रोड शो के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। निकोल क्षेत्र में आयोजित इस रोड शो और जनसभा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अद्वितीय अंदाज में लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने एक बच्चे को 'छोटा मोदी' कहकर संबोधित किया, जो उनकी तरह की वेशभूषा में दिखाई दे रहा था। उस बच्चे का नाम परीन है और वह कक्षा तीन का छात्र है। उसकी मासूमियत और उत्साह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इस घटना ने न केवल जनसभा में उपस्थित लोगों को प्रभावित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसका जोरदार चर्चा हुई।
परीन ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मैं कक्षा तीन में पढ़ता हूं। पीएम मोदी ने मुझे 'छोटा मोदी' कहा, जो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि पीएम मोदी मुझे इस तरह संबोधित करेंगे। मैं उनसे आशीर्वाद लेना चाहता हूं।"
परीन ने आगे बताया कि वह इस खास पल को अपने स्कूल के दोस्तों के साथ साझा करेगा। उसने अपनी महत्वाकांक्षा भी बताई और कहा, "मैं बड़ा होकर आईएएस अधिकारी बनना चाहता हूं और देश की सेवा करना चाहता हूं।"
उसने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील भी की। परीन ने कहा, "मैं सभी से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील करता हूं। हमें अपने देश के सामान का उपयोग करना चाहिए।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात में विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने कुल ५,४०० करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें रेलवे, सड़क, बिजली, आवास और शहरी बुनियादी ढांचा शामिल हैं।
इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समय देश भर में गणेश उत्सव का अद्भुत उत्साह है। गणपति बप्पा के आशीर्वाद से आज गुजरात के विकास से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का भी श्रीगणेश हुआ है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि आज मुझे विकास के अनेक प्रोजेक्ट्स आप सभी जनता जनार्दन के चरणों में समर्पित करने का सौभाग्य मिला है। मैं इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि गुजरात की यह धरती दो मोहन की धरती है। एक, सुदर्शन-चक्रधारी मोहन यानी हमारे द्वारकाधीश श्रीकृष्ण और दूसरे, चरखाधारी मोहन यानी साबरमती के संत पूज्य बापू। भारत आज सुदर्शन-चक्रधारी मोहन और चरखाधारी मोहन के दिखाए रास्ते पर चलकर निरंतर सशक्त होता जा रहा है।