अजमेर में चलती स्कार्पियो में आग: कांग्रेस नेता समेत एक परिवार के 4 लोगों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के अजमेर जिले में 28 मई 2026 की सुबह एक दर्दनाक हादसे में चलती स्कार्पियो एसयूवी में अचानक आग लग जाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में स्थानीय कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी भी शामिल हैं। यह घटना बोराडा पुलिस थाना क्षेत्र में काशिर और बोराडा गाँवों के बीच सुबह करीब 5:30 बजे हुई, जो अजमेर शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूसी देवी ने गुरुवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें अस्पताल पहुँचाने के लिए राम सिंह चौधरी स्कार्पियो लेकर निकले, जिसमें उनकी पत्नी और भतीजी महिमा भी सवार थीं। रास्ते में ही चलती गाड़ी में आग भड़क उठी और कुछ ही पलों में एसयूवी पूरी तरह आग के गोले में तब्दील हो गई। गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकलने का कोई अवसर नहीं मिला।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने तत्काल एक दमकल गाड़ी मौके पर भेजी, लेकिन जब तक राहत दल पहुँचा, गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। बाद में पानी के टैंकर और अतिरिक्त दमकल दल भेजकर आग पर काबू पाया गया।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने बताया कि चारों मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
राम सिंह चौधरी — पूर्व सरपंच, जिला परिषद सदस्य एवं स्थानीय कांग्रेस नेता; पुसी देवी — राम सिंह की माँ एवं पूर्व सरपंच; राम सिंह की पत्नी; तथा भतीजी महिमा। पुलिस के अनुसार तीन लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि चौथे ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
जाँच का दायरा: साजिश की आशंका भी
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग लगने का सही कारण सामने आने तक इसे हत्या का संभावित मामला मानकर जाँच की जा रही है। जाँचकर्ता शॉर्ट सर्किट की संभावना को भी परख रहे हैं।
बचाव और जाँच कार्यों में डीएसपी आयुष वशिष्ठ, बोराडा एसएचओ सूर्यभान सिंह और अराई एसएचओ रोशन समरिया शामिल हैं। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से नमूने और साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम पहले से ही चर्चा में है। राम सिंह चौधरी अपने क्षेत्र के एक जाने-माने जन-प्रतिनिधि थे और उनके परिवार की इस तरह एक साथ मृत्यु ने स्थानीय समुदाय में गहरा शोक और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
आगे की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच की निगरानी कर रहे हैं। FSL रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आग के असली कारण का खुलासा होने की उम्मीद है, जिसके बाद जाँच की दिशा तय होगी।