क्या अक्षरधाम मंदिर हमला मामले में गिरफ्तार तीन लोग बरी हो गए? यह जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बड़ी जीत है: अरशद मदनी

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क्या अक्षरधाम मंदिर हमला मामले में गिरफ्तार तीन लोग बरी हो गए? यह जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बड़ी जीत है: अरशद मदनी

सारांश

अक्षरधाम मंदिर हादसे के बाद तीन निर्दोष लोगों को मिली बरी होने की खबर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कानूनी जीत। अरशद मदनी का बयान न्यायिक प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर करता है। क्या अब न्याय मिलेगा?

Key Takeaways

  • अक्षरधाम मंदिर हमला मामले में तीन निर्दोष लोगों को बरी किया गया।
  • जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने इस मामले में महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाए।
  • अवसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार तीन लोग बाइज्जत बरी कर दिए गए हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने इसे संगठन की एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत बताया।

अरशद मदनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, "बेकसूरों को इनसाफ मिल गया, लेकिन जिन लोगों ने पीड़ितों की जिंदगी बर्बाद की, उन्हें सजा दिलाए बिना इनसाफ अधूरा है।" उन्होंने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद दोषी अधिकारियों के खिलाफ अदालत में मामला लड़ रही है।

मदनी ने यह भी कहा कि दो निर्दोष लोग, जो अहमदाबाद के निवासी हैं, उस समय सऊदी अरब में थे जब हमला हुआ था। उन्हें अभियुक्त बना दिया गया था और वर्ष 2019 में जब वे लौटे, तो क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि "दुख की बात है कि इन निर्दोष लोगों को इनसाफ पाने में छह वर्ष लग गए, जो हमारे न्यायिक तंत्र की कमजोरियों को दर्शाता है।"

मदनी ने कहा, "जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती और निर्दोषों की जिंदगी तबाह करने वालों को सजा नहीं दी जाती, तब तक इनसाफ अधूरा रहेगा।" उन्होंने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में मुआवजे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की याचिका भी दायर की थी।

उन्होंने अदालत की कार्रवाई के बारे में भी बताया कि सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने तर्क दिया था कि अगर ऐसा हुआ तो हर बरी होने वाला व्यक्ति मुआवजे की मांग करेगा, जिससे पुलिस का मनोबल गिरेगा।

अरशद मदनी ने कहा, "इस फैसले से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि इनसाफ जल्द ही मिलेगा। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ऐसे सैकड़ों मामलों की पैरवी कर रही है।"

Point of View

NationPress
10/02/2026

Frequently Asked Questions

अक्षरधाम मंदिर हमला क्या था?
अक्षरधाम मंदिर हमला 2002 में हुआ था, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए थे।
अरशद मदनी का क्या कहना है?
अरशद मदनी ने इस मामले में बरी हुए लोगों के लिए न्याय की मांग की है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की भूमिका क्या थी?
जमीयत ने निर्दोषों के लिए कानूनी सहायता प्रदान की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
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