क्या ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस सफल रही? विजेंद्र गुप्ता का बयान

सारांश
Key Takeaways
- ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन हुआ।
- 30 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- प्रदर्शनी 26 अगस्त से आम लोगों के लिए खुली।
- एक डॉक्यूमेंट्री जारी की गई।
- देश के इतिहास को समझने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी की दिल्ली विधानसभा में ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस 2025 का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के पहले भारतीय अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में था।
इस कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने संबोधित किया।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस का समापन हो गया है। पूरे देश के 30 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, और यह आयोजन बहुत ही सफल रहा। लगातार दो दिन तक कार्यक्रम चलने के बाद सभी ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की गई है जो मील का पत्थर साबित होगी। हमारी प्रदर्शनी को भी व्यापक सराहना मिली है, और डाक टिकट भी जारी किया गया है।
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विधानसभा में आयोजित प्रदर्शनी २६ अगस्त से आम लोगों के लिए खुल जाएगी। सुबह १०:०० से शाम ६:०० बजे तक लोग इस प्रदर्शनी का लाभ उठा सकते हैं। इसका समापन ३१ अगस्त को होगा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश के हर नागरिक को अपने इतिहास से परिचित होना चाहिए, क्योंकि यह नागरिक को गौरव प्रदान करता है। जो सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था, उसे साकार करने की जानकारी देश को होनी चाहिए।
सिक्किम के स्पीकर मिंगमा नोरबू शेरपा ने कहा कि हमें दिल्ली आकर बहुत कुछ सीखने को मिला है। मैं दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने देश के सभी स्पीकरों को इस कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर दिया।
लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम जिस कक्ष में आज उपस्थित हैं, वह आजादी और देश के लोकतंत्र के लिए लड़ने वालों का सभागार है। १९२५ में यह पहले नेशनल असेंबली का साक्षी रहा है।